योगी की पुलिस का एक्शन डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को नहीं पसंद, अभियान को रोकने की कर दी मांग

कानपुर/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में पुलिस के एक्शन पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। अब सरकार के भीतर से आवाज उठी है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कानपुर में वाहन चेकिंग के दौरान हुई बहस के बाद एक बीजेपी नेता और उनके भतीजे पर एफआईआर दर्ज करने पर नाराजगी जताई। पाठक ने सोमवार को कहा कि मुझे एफआईआर के बारे में कल पता चला। इस बारे में कानपुर के पुलिस कमिश्नर से बात हुई है। कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा। उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा समाप्त होगा। गाड़ी रोक कर अभियान चलाने से हम सहमत नहीं हैं। ये अभियान रोका जाना चाहिए।ब्रजेश पाठक संचारी रोग नियंत्रण अभियान के एक कार्यक्रम में कानपुर पहुंचे थे। गौरतलब है कि 25 जून को कानपुर के गोविंद नगर थानाक्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस ने बीजेपी दक्षिण जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र त्रिपाठी की कार रोककर चेकिंग की थी। कार में बीजेपी का झंडा लगा था। शैलेंद्र का दावा है कि कार में न हूटर था और न ब्लैक फिल्म लगी थी। शैलेंद्र और उनके भतीजे गौरव की पुलिस से बहस हुई थी। इस दौरान मोबाइल की छीनाझपटी भी हुई थी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वारदात के 2-3 दिन बाद पुलिस ने शैलेंद्र और गौरव के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। इससे बीजेपी नेताओं में खासी नाराजगी थी। यह मुद्दा डिप्टी सीएम के समक्ष उठाया गया तो उनकी टिप्पणी सामने आई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले आदेश दिया था कि कारों में हूटर, प्रेशर हॉर्न और काली फिल्म लगाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा था कि वीआईपी कल्चर स्वीकार नहीं होगा। इसके बाद बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है।




