राहुल गांधी पर गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने का आरोप, सुप्रीम कोर्ट 26 अक्टूबर को करेगा सुनवाई
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाने वाली गर्भवती महिला पत्रकार अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं। इस मामले में 26 अक्टूबर को सीजेआई बेंच सुनवाई करेगी।

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीन महीने की गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने के आरोप से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। शीर्ष अदालत ने महिला पत्रकार की ओर से दाखिल अंतरिम आवेदन को 26 अक्टूबर को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है। मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ करेगी।
महिला पत्रकार का आरोप है कि 12 अक्टूबर को विपक्षी दलों के मार्च के दौरान सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री के भीतर राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया था। उस समय राहुल गांधी चुनाव आयोग की मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका दाखिल करने के लिए विपक्षी नेताओं के मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। इस घटना को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ था और भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधा था।
महिला पत्रकार की ओर से दायर आवेदन को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की मांग वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने की। उन्होंने अदालत से यह भी स्पष्ट करने का आग्रह किया कि इस मामले से जुड़े प्रकरणों में नोटिस जारी किए गए हैं या नहीं। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि संबंधित सभी मामलों में नोटिस जारी कर दिए गए हैं। पीठ ने महिला पत्रकार के अंतरिम आवेदन को 26 अक्टूबर को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।
महिला पत्रकार ने घटना को लेकर अदालत का रुख किया है। हालांकि, राहुल गांधी पर लगाए गए धक्का देने के आरोपों की पुष्टि न्यायिक सुनवाई के निष्कर्ष से ही होगी। अब इस मामले में 26 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी।




