यूपी में चुनावी झटके के बाद योगी आदित्यनाथ व दोनों उप मुख्यमंत्री दिल्ली तलब

नेशनल डेस्क। लोकसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में बड़ा झटका लगा है। राज्य में उसे 29 सीटें खोनी पड़ी हैं और उसे महज 33 पर ही जीत मिली है, जबकि 2019 के आम चुनाव में उसे 62 पर विजय मिली थी। इन नतीजों को लेकर सवाल उठ रहे हैं और भाजपा में मंथन का दौर जारी है। इस बीच पार्टी ने दिल्ली में संसदीय बोर्ड की मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग से पहले खासतौर पर यूपी को लेकर एक बैठक की जाएगी। इस बैठक के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुलाया गया है। उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी जाएंगे। वहीं राज्य के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी दिल्ली पहुंचेंगे।
इस मीटिंग में उत्तर प्रदेश में भाजपा के कमजोर प्रदर्शन पर चर्चा की जाएगी। बता दें कि यूपी की मीटिंग के बाद भाजपा के संसदीय दल की भी बैठक होगी। इस बैठक में नरेंद्र मोदी को नेता चुना जाएगा। यहां पर भी चुनाव नतीजों पर मंथन हो सकता है। संसदीय दल की मीटिंग संसद के सेंट्रल हॉल में किया जाएगा। इस बैठक में भाजपा के सभी सांसद मौजूद रहेंगे। दरअसल भाजपा को उम्मीद से कम सीटें मिलने पर मंथन का दौर जारी है। एक तरफ दिल्ली में शीर्ष नेताओं की बैठकें चल रही हैं तो वहीं राज्यों में भी हलचल तेज है।
महाराष्ट्र भाजपा की बुधवार को मीटिंग हुई थी। इसमें देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम के पद से इस्तीफे की ही पेशकश कर दी थी। उनका कहना था कि राज्य में हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। इसकी मैं जिम्मेदारी लेता हूं और हाईकमान से कहूंगा कि मुझे डिप्टी सीएम के पद से मुक्त कर दिया जाए। वहीं बंगाल में शुभेंदु अधिकारी, दिलीप घोष और सुकांत मजूमदार जैसे नेताओं के बीच सिर-फुटव्वल की स्थिति बन गई है। हरियाणा में तो राव इंद्रजीत सिंह ने साफ कहा कि भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं है। गुरुग्राम लोकसभा सीट पर बमुश्किल जीते राव ने कहा कि मेरे अपने लोग नहीं होते तो यह चुनाव मैं हार सकता था।




