26 फरवरी 1996, मास्टर विजय सिंह ने दिया था धरना, भ्रष्टाचार और भूमाफिया के खिलाफ आंदोलन के 28 साल पूरे

मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश। मुजफ्फरनगर में एक आंदोलन 28 वर्षों से लड़ा जा रहा है। भ्रष्टाचार और भूमाफिया के खिलाफ मास्टर विजय सिंह का धरना आज भी जारी है। इंसाफ की उम्मीद बरकरार है। लड़ने का जज्बा खत्म नहीं हुआ है। अवैध कब्जे को मुक्त कराने की कार्रवाई तक धरना जारी रखने की बात वे करते हैं। मास्टर विजय सिंह सार्वजनिक भूमि पर हुए अवैध कब्जा को मुक्त कराने की मांग को लेकर धरना शुरू किया था। 26 फरवरी को उनके धरने को 28 वर्ष पूरे हो रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ की जांच में भी कब्जा अवैध साबित हो चुका है। पहले भी कई सरकारें बदली, आरोपित पर कार्रवाई नहीं हो सकी। करीब तीन दशकों से उनका आंदोलन बदस्तूर जारी है। सवाल यह है कि पिछले तीन दशक में भाजपा, बसपा और सपा की सरकारें रहीं, लेकिन कोई भी सरकारी अतिक्रमण वाली जमीन को खाली कराने में क्यों सफल नहीं हो पाया? मुजफ्फरनगर में भ्रष्टाचार और भू- माफिया के विरुद्ध चल रहे मास्टर विजय सिंह के धरने को 28 साल पूरे हो गए। शामली के ग्राम चौसाना की चार हजार बीघा कृषि योग्य भूमि अवैध कब्जा मुक्त कराने के लिए मास्टर विजय सिंह धरने पर बैठे थे। 28 साल से लगातार अहिंसक सत्यग्रह कर रहे हैं। उनके सत्याग्रह की जानकारी सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंची थी। सीएम योगी की ओर से कराई गई जांच में अवैध कब्जा साबित होने के बावजूद आज तक आरोपित भू- माफिया के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। इस बीच मास्टर विजय सिंह का धरना कई विश्व रिकार्ड बना चुका है।
सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा का मामला
शामली जिले की ऊन तहसील के गांव चैसाना की करीब 4 हजार बीघा सार्वजनिक कृषि योग्य भूमि पर भू-माफिया का अवैध कब्जा है। 26 फरवरी 1996 को चैसाना के मास्टर विजय सिंह ने अवैध कब्जा हटवाने की मांग करते हुए मुजफ्फरनगर डीएम कार्यालय के समक्ष धरना शुरू किया था। धरने के 28 साल बीतने के बावजूद आज तक कोई भी सरकार जनहित में भू-माफिया से करोड़ों की सार्वजनिक कृषि योग्य भूमि से कब्जा हटवाकर मास्टर विजय सिंह को न्याय नहीं दिलवा सकी।
योगी सरकार में भी नहीं हुई कार्रवाई
8 अप्रैल 2019 को सीएम योगी की शामली में हुई चुनावी सभा में मास्टर विजय सिंह ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीएम शामली को जांच कराने के आदेश दिए थे। एसडीएम ऊन सुरेन्द्र सिंह ने जांच कर रिपोर्ट डीएम को रिपोर्ट दी थी, जिसमें सैकड़ों करोड़ की हजारों बीघा सार्वजनिक कृषि भूमि पर पूर्व विधायक ठाकुर जगत सिंह का अवैध कब्जा साबित हुआ था। रिपोर्ट में ठाकुर जगत सिंह को भू-माफिया घोषित करने की संस्तुति भी की गई थी। इसके बाद डीएम शामली मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन कर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी थी। मास्टर विजय सिंह का कहना है कि योगी ने शामली की भरी सभा में 8 अप्रैल 2019 को जो वादा किया था, उसके बाद सूबे का सीएम रहते भी उसे पूरा नहीं किया। सीएम योगी के पिछले 5 साल के कार्यकाल में मास्टर विजय सिंह अनेकों बार लखनऊ मुख्यमंत्री निवास जाकर मुलाकात का समय मांगा, परंतु कोई समय नहीं दिया गया।
अखिलेश के आदेश पर भी नहीं हुई कार्रवाई
2012 में कृषि भूमि अवैध कब्जा मुक्त कराने के लिए मास्टर विजय सिंह पद यात्रा करते हुए लखनऊ पहुंचे थे। तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात कर भूमि कब्जा मुक्त कराने की मांग की थी। इस पर जांच कमेटी गठित की गई, लेकिन आरोपियों के सपा में चले जाने के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया। राजनीतिक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार के कारण कोई कार्यवाही नहीं की गई थी। जांच कमेटी आय का साधन और माखौल बन कर रह गई।
अवैध हिरासत में रखने का मामला
मास्टर विजय सिंह ने बताया कि सीएम योगी की कराई जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग के लिए वह 25 दिसंबर 2021 को लखनऊ गए थे। जब वह एक पत्र टाइप कराने जा रहे थे तो जीपीओ पर लखनऊ एलआइयू इंस्पेक्टर अश्वनी सिंह ने हजरत गंज कोतवाली पुलिस से उन्हें अवैध हिरासत में ले लिया था। कोतवाली पर उन्हें पांच घंटे तक हिरासत में रखा गया। एलआइयू इंस्पेक्टर का इरादा अच्छा नहीं था, लेकिन इस दौरान उनके एक पत्रकार ने कोतवाली पहुंचकर उन्हें छुड़वाया। मास्टर सिंह प्रशासन पर भी भू- माफियाओं के समर्थन का आरोप लगाते हैं।
मास्टर विजय सिंह ने इस मामले में 19 सितंबर 2019 को तत्कालीन डीएम सेल्वा कुमारी पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। उनके धरने को 5 मिनट में कचहरी से हटवाने का भी वे आरोप लगाते हैं। साथ ही, अंडरवियर सुखाने को लेकर महिला लज्जा भंग किए जाने का केस किया गया था। जब प्रशासन और पुलिस की भारी किरकरी हुई तो इस केस को खारिज कर दिया गया।
रिकॉर्ड बुक में धरना
मास्टर विजय सिंह का धरना दुनिया का सबसे लंबा धरना का रिकार्ड बना चुका है। सार्वजनिक कृषि भूमि कब्जा मुक्त कराने की मांग के लिए विजय सिंह 28 साल से अनवरत धरना दे रहे हैं। उनका धरना लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स, वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया और मीरा सेल्स ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो चुका है।
बसपा सरकार में भी माना गया अवैध कब्जा
बसपा सरकार के दौरान प्रमुख सचिव गृह ने कार्रवाई का आदेश दिया था। इस पर जिला प्रशासन ने 300 बीघा भूमि अवैध कब्जा मुक्त कराई थी। बाद में राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते कार्रवाई पर विराम लगा था। मेरठ मंडल कमिश्नर एचएल बिरदी ने 1995 में सारे मामले की जांच कर घोटाले की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट भेजी थी। आईजी सीबीसीआईडी एसी शर्मा ने भी जांच कर अवैध कब्जे की पुष्टि कर शासन को रिपोर्ट भेजी थी।

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