गाजियाबाद में गंदगी फैलाने वाले हो जाएं सावधान! कूड़ा डालते ही मोबाइल से ही कटेगा चालान

गाजियाबाद। यातायात के नियमों का उल्लंघन करने पर जिस तरह यातायात पुलिसकर्मी मोबाइल में फोटो खींचकर चालान करते हैं, उसी तरह अब शहर में गंदगी फैलाने वालों का भी चालान किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने एक ऐप तैयार किया है, जिसे जनवरी माह में लांच किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जिससे अधिकारी मुख्यालय से ही शहर में नजर रख सकें।
गाजियाबाद को उत्तर प्रदेश का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाता है। यह उपलब्धि नगर निगम गाजियाबाद को शहर में 80 से अधिक डलाव घर को विलोपित करने और सफाई व्यवस्था के साथ ही लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने में बेहतर काम करने पर मिली है। हालांकि पिछले कई माह में स्थिति बदली है। जो विलोपित कूड़ाघर हैं, वहां पर दोबारा से लोग कूड़ा डालने लगे हैं। इससे नगर निगम के सिर से स्वच्छता का ताज छिनने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसा न हो, इसके लिए ही नगर निगम अब सख्ती करेगा।
ऐप के माध्यम से कर्मचारियों की लगेगी हाजिरी
शहर में नगर निगम के 1,500 से अधिक सफाई कर्मचारी हैं, जिनकी हाजिरी लगाने के लिए 150 सुपरवाइजर नियुक्त हैं। आरोप लगते हैं कि कई सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आते हैं और सुपरवाइजर उनकी हाजिरी लगा देते हैं। अब ऐसा नहीं होगा। मोबाइल के माध्यम से ही कर्मचारियों की हाजिरी सुनिश्चित की जाएगी। यह ऐप जीपीएस से भी कनेक्ट होगा, ऐसे में फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
ऐप में यह सुविधाएं भी मिलेंगीः
- कूड़ा उठाने वाली गाड़ी की लाइव लोकेशन लोग ऐप के माध्यम से चेक कर सकेंगे।
- नगर निगम सभी प्रोजेक्ट की मानिटरिंग एप के माध्यम से करेगा।
- संपत्ति कर जमा कराने, संपत्ति का नामांतरण कराने की सुविधा भी ऐप से मिलेगी।
- वायु गुणवत्ता में सुधार के कार्य की मानिटरिंग भी ऐप से सुनिश्चित की जाएगी।
- शहर में सार्वजनिक शौचालयों के निरीक्षण की रिपोर्ट भी एप पर दी जाएगी।
- लोगों को एप के माध्यम से उनके आसपास क्या सुविधाएं हैं, यह जानकारी दी जाएगी।
- नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर भी ऐप पर दर्शाए जाएंगे।
- ऐप के माध्यम से ही लोग अपनी शिकायतों को दर्ज कर सकेंगे, कार्रवाई की जानकारी भी मिलेगी।




