जहां करते थे थानेदारी, वहीं लग गई हथकड़ी, 20 हजार के चक्कर में नौकरी भी गई

औरंगाबाद,(बिहार)। औरंगाबाद में एक दारोगा जी घूस लेते रंगेहाथ पकड़े गए। उपहारा थानाध्यक्ष आनंद कुमार गुप्ता को निगरानी ने रिश्वत लेते दबोच लिया। अपहरण के एक मामले में अभियुक्तों के नाम हटाने के एवज में हमिदनगर निवासी सनोज कुमार से 20 हजार की डिमांड किए थे। इसकी भनक निगरानी टीम को लग गई। रिश्वत लेते निगरानी की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। विजिलेंस की टीम आनंद कुमार गुप्ता को अपने साथ पटना लेकर चली गई। टीम में शामिल डीएसपी ने बताया कि शिकायत की पुष्टि के बाद की गई कार्रवाई में उपहारा थानाध्यक्ष को गिरफ्तार किया गया।
औरंगाबाद के उपहारा थानाध्यक्ष आनंद कुमार गुप्ता ने हमीद नगर निवासी सनोज को थाने के पास पैसा लेकर बुलाया था। सनोज से थानेदार पैसे लेकर जैसे ही अपने आवास में गए, तभी पीछे से निगरानी टीम का एक व्यक्ति उनके कमरे में पहुंच गया। थानेदार की पत्नी ने उसे देखा और वो समझ गई। उसने रुपए की गड्डी को फौरन खिड़की से बाहर फेंक दी। जोर-जोर से चिल्लाने लगी। आवाज सुन कर थाने के सभी पुलिसकर्मी आ पहुंचे।
पुलिस वाले और निगरानी टीम के बीच हुई बहस
उधर, तेज आवाज में बहसा-बहसी सुन बाहर खड़े निगरानी के टीम के अन्य सदस्य भी थाना परिसर में पहुंच गए। निगरानी की टीम ने जब अपना परिचय दिया, तब पुलिसवाले शांत हुए। मगर थाने में मौजूद पुलिसवाले अपने दारोगा को विजिलेंस के हवाले नहीं कर रहे थे। काफी देर के बाद निगरानी की टीम ने थानेदार आनंद कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर साथ ले आई।
अपहरण केस से नाम हटाने की कीमत लगाई थी 20 हजार
औरंगाबाद के हमीद नगर निवासी ने अपनी बेटी के अपहरण और रेप का प्राथमिकी उपहारा थाने में दर्ज कराया था। मामले में गांव के ही एक ही परिवार के पांच लोगों को नामजद बनाया था। प्राथमिकी से नाम हटाने के एवज में थानेदार आनंद कुमार गुप्ता ने सनोज चौधरी से 20 हजार घूस मांगी थी। सनोज ने इसकी शिकायत निगरानी से की। इसके बाद थानाध्यक्ष आनंद कुमार गुप्ता को निगरानी की टीम ने घूस लेते दबोच लिया।

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