तिहाड़ जेल में हफ्तेभर में 600 कैदी, खाने-पीने की किल्लत, सोने तक की नहीं मिल रही जगह

नई दिल्ली। तिहाड़ जेल में कैदियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हो रहा है। एक सप्ताह में ही 600 से अधिक कैदी बढ़ गए हैं। इस कारण तिहाड़, रोहिणी और मंडोली की तमाम जेलों में कैदियों की संख्या इनकी क्षमता से कहीं अधिक पहुंच गई है। सबसे अधिक समस्या तिहाड़ की जेल नंबर-4 में सामने आ रही है। जहां कैदियों की संख्या क्षमता से पांच गुना से भी अधिक पहुंच गई है। यहां टॉयलेट जाने और नहाने तक के लिए कैदियों की लाइनें लग रही हैं। कैदियों की संख्या में इतना अधिक इजाफा होने से आशंका जताई जा रही है कि कहीं तिहाड़ में फिर से टिल्लू ताजपुरिया हत्याकांड जैसी कोई वारदात ना हो जाए।
क्यों अचानक बढ़ गए इतने कैदी
सूत्रों ने बताया कि तिहाड़ की तीनों जेलों में 3 जुलाई को कैदियों की संख्या 20 हजार 88 थी। जो 10 जुलाई को बढ़कर 20 हजार 719 हो गई। जेल प्रशासन इसके दो कारण बता रहा है। पहला, उम्मीद के मुताबिक विचाराधीन कैदियों को जमानत ना मिलना। दूसरा, पिछले कुछ दिनों से दिल्ली पुलिस द्वारा नाइट पट्रोलिंग के दौरान पकड़े जा रहे बदमाश।
खाने-पीने की हो सकती है किल्लत
सूत्रों का कहना है कि इतने अधिक कैदी होने से आने वाले दिनों में यहां खाने-पीने की समस्या भी सामने आ सकती है। बारिश होने से कुछ दिनों की राहत के बाद फिर उमस वाली गर्मी शुरू होगी। तब कैदियों को सोने में भी दिक्कत होगी। तिहाड़ की हर जेल में कैदियों की संख्या क्षमता से अधिक है। महिला जेल नंबर-6 में महिला कैदियों की क्षमता 400 की है, जबकि यहां 600 महिला कैदी बंद हैं।
क्षमता से कई गुना ज्यादा कैदी
जेल अधिकारियों का कहना है कि तिहाड़ की 9 जेलों में 5200 कैदियों को रखने की क्षमता है। जबकि इन जेलों में कैदियों की संख्या 14 हजार का आंकड़ा पार कर 14 हजार 294 तक पहुंच गई है। इसी तरह से रोहिणी जेल में 1050 कैदियों की क्षमता से कहीं अधिक 2,130 कैदी हो गए हैं। मंडोली जेल में 3,776 कैदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन यहां 4,295 कैदी बंद हैं। इन सभी जेलों में बंद 20 हजार 719 कैदियों में से करीब 18 हजार 483 विचाराधीन कैदी हैं।

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