गाजियाबाद जिले की बैंकों में जमा हुए 497 करोड़ के गुलाबी नोट, यूपी में बनाया तीसरा स्थान

गाजियाबाद ब्यूरो। 9 दिनों में 497 करोड़ रुपये के 2 हजार के नोट बैंक खातों में जमा कराए गए। इस दौरान 118 करोड़ रुपये के नोट एक्सचेंज भी हुए। दूसरे जिलों के बैंक खातों में भी गाजियाबाद से 2 हजार के नोट जमा कराए गए। बैंक अधिकारियों ने बताया कि कुछ खातों में KYC अपडेट नहीं थी, फिर भी उनमें नोट जमा हुए हैं। जनधन समेत कई ऐसे खाते भी हैं, जिनमें लंबे समय से लेनदेन नहीं हुआ था, वहां भी ऐसे नोट जमा हुए हैं। शुरुआत में 40-50 करोड़ रुपये के आसपास ही बैंक खातों में जमा हो रहे थे, लेकिन एक से 3 जून के बीच सबसे ज्यादा नोट जमा और एक्सचेंज कराए गए। प्रदेश में कानपुर, लखनऊ के बाद गाजियाबाद में सबसे ज्यादा 2 हजार के नोट बैंक खातों में जमा हुए।
एक जून को 87 करोड़ रुपये बैंक खातों में जमा हुए, जबकि 19 करोड़ रुपये एक्सचेंज किए गए। अभी तक में एक दिन में सबसे अधिक 106 करोड़ रुपये खाते में जमा और एक्सचेंज किए गए। 2 जून को खाते में 71 करोड़ रुपये जमा हुए। 3 जून को 64 करोड़ रुपये जमा कराए गए। बैंक अधिकारियों ने बताया कि जिन खातों को लेकर संदेह था, उनकी रिपोर्ट बनाकर आयकर विभाग को भेजी जा रही है। बचत खाते में 10 लाख रुपये से अधिक और चालू खाते में 50 लाख रुपये से अधिक के जमा और निकासी पर नजर रखी जा रही है।
मशीन से भी खूब जमा कराए गए रुपये
कई बैंकों में कैश डिपॉजिट मशीन से खूब रुपये जमा हुए। जिन खातों की KYC अपडेट नहीं थी, लेकिन वे ब्लॉक नहीं किए गए थे, उनमें भी 2 हजार के नोट जमा किए गए। बैंक की ब्रांच में जाने पर ऐसे बैंक खातों में रुपये जमा करने से पहले KYC की मांग की जा रही थी, ऐसे में लोगों ने कैश डिपॉजिट मशीन से ही रुपये जमा कर दिए। हालांकि अधिकतर बैंक खाते, जिनकी KYC अपडेट नहीं थी, उनमें लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। एक बैंक अधिकारी ने बताया कि ऐसे खातों में 2 हजार रुपये के नोट जमा हो रहे हैं, जो काफी समय से यूज में नहीं थे।
आयकर विभाग भी रख रहा नजर
यदि किसी व्यक्ति ने कमीशन लेकर अपने बचत खाते में 10 लाख रुपये से कम भी जमा कराए और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय उसका जिक्र नहीं किया तो उन्हें भी आयकर विभाग से नोटिस मिल सकता है। जिन्हें नोटिस मिलेगा, उन्हें ऐसे लेनदेन का सोर्स बताना होगा। लीड बैंक मैनेजर हिमांशु तिवारी ने बताया कि आयकर विभाग के पास बैंक के लेनदेन का ऑटोमैटिक रिपोर्टिंग होती है। आयकर विभाग ऐसे संदेह वाले अकाउंट की स्क्रूटनी कर लेता है। फिर उस व्यक्ति की आईटीआर को देखता है। आईटीआर में जब ऐसे लेनदेन का जिक्र नहीं होता है तो उसे नोटिस देकर जवाब मांगा जाता है। बैंक के आंकड़े के अनुसार, यूपी में कानपुर, लखनऊ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा जिलों में दो हजार के नोट सबसे ज्यादा जमा हुए हैं। छोटे जिलों में ऐसे नोट जमा कराने वालों की संख्या काफी कम रही। कुछ शाखाओं में तो दो से चार नोट ही आ रहे हैं।

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