वाराणसी में रिश्वत लेते पकड़ा गया दारोगा

राहुल सिंह, (वाराणसी,उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश पुलिस को शर्मसार कर देने वाली एक खबर सामने आई है यूपी के वाराणसी से। यहां पर जंसा थाने के दरोगा और एक बिचौलिए को घूस लेते हुए पकड़ा गया है। दरअसल, मामला कुछ इस प्रकार था कि जिस युवक के खिलाफ मारपीट और धमकाने का आरोप लगाया गया है उसने बताया कि दरोगा एक लाख रुपये की घूस मांग रहे हैं। ये घूस मुकदमे की धारा कम करने और नाम हटाने के एवज में मांगी गई थी। मामला जैसे ही प्रकाश में आया तो दरोगा और बिचौलिए के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है और दोनों को अदालत में पेश किया। इसके बाद दोनों को ही न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
प्रयागराज के कर्नलगंज थानांतर्गत के सलोरी शुक्ला मार्केट निवासी अभिषेक वर्मा वाराणसी के जंसा थाने की कस्बा चौकी में तैनात हैं। यहां के बेरुकस गांव में रहने वाले सैफ ने पांच मई को इनके पास पांच लोगों के खिलाफ मारपीट और धमकाने का मामला दर्ज कराया था। जिन पांच के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था, उनमें से एक आरोपी अमजद हुसैन ने दरोगा अभिषेक पर आरोप लगाया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की वाराणसी इकाई के पास अमजद ने बताया कि दरोगा उस पर धाराएं कम करने और नाम हटाने के बदले में एक लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। उनके साथ इस काम में कतवारूपुर गांव निवासी शिवम सिंह बिचौलिए की भूमिका अदा कर रहा है।
रंगेहाथ धरे गए दरोगा जी
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने शिकायत आते ही एक युक्ति निकाली। उन्होंने केमिकल लगे हुए नोटों का बंडल अमजद को दिया और दरोगा अभिषेक को देने के लिए कहा। टीम ने अमजद से सुझाव दिया कि से बंडल देने के लिए वो अभिषेक और शिवम को दीनदासपुर स्थित लंगोटिया हनुमान मंदिर के सामने बुलाओ। अमजद ने ठीक इसी प्रकार दोनों को बुलाया और दोनों ही दोपहर 12:50 बजे घूस लेने के लिए पहुंचे। तभी भ्रष्टाचार निवारण संगठन की सात सदस्यीय टीम ने दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया। बताया गया है कि दोनों के खिलाफ रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है और विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।




