अहमदाबाद में 61 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में, निर्वासन की प्रक्रिया शुरू
गुजरात के अहमदाबाद में सिटी क्राइम ब्रांच ने शहर के विभिन्न इलाकों में अवैध ढंग से रह रहे 61 बांग्लादेशियों को छापेमारी के बाद पकड़ा है। इससे पहले जून महीने में 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' में बांग्लादेशी पकड़े गए थे। पुलिस ने सभी डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अहमदाबाद,एजेंसी। गुजरात के अहमदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत सिटी क्राइम ब्रांच ने 61 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने इनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही निर्वासन की कार्रवाई भी आगे बढ़ा दी है। यह अभियान दीपावली से पहले शहर में सुरक्षा इंतजामों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चलाया गया।
अहमदाबाद पुलिस के अनुसार, खुफिया जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान ऐसे 61 लोगों की पहचान की गई, जिनके पास भारत में रहने से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर उनके दस्तावेजों और नागरिकता से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित सुरक्षा खतरों को रोकने के लिए शहर में निगरानी बढ़ाई गई है। अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इससे पहले जून महीने में ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ के तहत अहमदाबाद के चंडोला, गुलाबनगर और खोखरानगर क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 166 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया था। वहीं, अप्रैल-मई 2025 में चंडोला झील के आसपास अतिक्रमण हटाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया था। उस दौरान करीब चार हजार मकानों को हटाए जाने की जानकारी सामने आई थी। यह कार्रवाई तत्कालीन पुलिस आयुक्त और वर्तमान पुलिस महानिदेशक जी.एस. मलिक के नेतृत्व में की गई थी।
अहमदाबाद में लगातार चल रही इन कार्रवाइयों के बीच पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अवैध प्रवासियों की पहचान, दस्तावेजों के सत्यापन और तस्करी अथवा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से संभावित संबंधों की जांच पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।



