दिल्ली में गांजा तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश, बिस्तर के बॉक्स में छिपाकर रखा था 52 किलो गांजा

द्वारका जिला पुलिस की एएटीएस टीम ने गांजा तस्करी के खिलाफ तीन चरणों में कार्रवाई करते हुए 54.375 किलोग्राम गांजा बरामद कर दो आरोपियों बलबीर और रंजू को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक स्कूटी भी जब्त की है।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की द्वारका जिला एएटीएस टीम ने गांजा तस्करी के खिलाफ तीन चरणों में कार्रवाई करते हुए कुल 54.375 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस मामले में बलबीर और रंजू नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने एक लावारिस स्कूटी भी जब्त की है, जिससे शुरुआती जांच के दौरान गांजा बरामद हुआ था। पुलिस के मुताबिक, एक स्कूटी से मिली थोड़ी मात्रा में गांजे की जांच करते-करते तस्करी के बड़े भंडार का पता चला, जिसे मकान में बिस्तर के भंडारण वाले हिस्से में छिपाकर रखा गया था।
पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह के निर्देश पर द्वारका जिले को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अभियान में एएटीएस टीम ने मादक पदार्थों की अवैध आपूर्ति में शामिल लोगों की पहचान कर तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के प्रयास किए। निरीक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने सहायक पुलिस आयुक्त सुुभाष मलिक की निगरानी में कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को एएटीएस टीम नजफगढ़ के अग्रवाल कॉलोनी स्थित तिरंगा चौक के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति टीवीएस जुपिटर स्कूटी छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्कूटी की तलाशी लेने पर उसकी डिक्की से 1.855 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इस संबंध में बाबा हरिदास नगर थाने में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 10 अक्टूबर को बलबीर (45) निवासी इंद्रा मार्केट कॉलोनी, नजफगढ़ को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 200 ग्राम गांजा और बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान बलबीर ने मोहान गार्डन के सिद्धार्थ एन्क्लेव स्थित एक मकान में गांजे का बड़ा भंडार छिपाए जाने की जानकारी दी।
इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 11 अक्टूबर को संबंधित मकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान बिस्तर के भीतर बने भंडारण वाले हिस्से से 49 पैकेटों में रखा 52.32 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इस मामले में मकान से जुड़ी रंजू (35) पत्नी राजेश को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में गांजा घरेलू सामान के बीच छिपाकर रखा गया था, ताकि सामान्य जांच में उस पर आसानी से किसी का ध्यान न जाए।
पुलिस की तीन चरणों में हुई कार्रवाई में कुल 54.375 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसमें स्कूटी से मिला 1.855 किलोग्राम, बलबीर के कब्जे से बरामद 200 ग्राम और मकान के बिस्तर में छिपाकर रखे गए 52.32 किलोग्राम गांजे की मात्रा शामिल है। बरामद गांजे को व्यावसायिक मात्रा की श्रेणी में बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, बलबीर के खिलाफ पहले भी दो मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है, जिनमें मादक पदार्थों से जुड़े मामले भी शामिल बताए गए हैं। वहीं, रंजू की भूमिका को लेकर जांच की जा रही है। पुलिस अब गांजे की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल बरामद गांजे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पूरे आपूर्ति नेटवर्क का पता लगाकर इसमें शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचना भी है। द्वारका जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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