मुंबई एयरपोर्ट पर तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 9 फेनेक लोमड़ियों समेत 34.95 करोड़ का सामान जब्त

कस्टम विभाग ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बड़ी कार्रवाई की है। मुंबई कस्टम्स 9 फेनेक लोमड़ियां समेत तस्करी को अंजाम देने वाले 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 34.95 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया गया। कुल 66 मामले दर्ज किए गए।

मुंबई,एजेंसी। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मुंबई कस्टम्स ने तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 फेनेक लोमड़ियों समेत 34.95 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया और तस्करी से जुड़े 66 मामले दर्ज किए गए। जब्त सामान में सोना, नशीले पदार्थ, हीरे, विदेशी मुद्रा, महंगी घड़ियां, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वन्यजीव शामिल हैं। यह कार्रवाई 5 से 16 अक्टूबर 2026 के बीच चलाए गए विशेष अभियान के दौरान की गई।
कस्टम्स अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान 15.075 किलोग्राम सोना बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 19.05 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 19.178 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 7.73 करोड़ रुपये है। बरामद मादक पदार्थों में हाइड्रोपोनिक तरीके से उगाए गए गांजे से जुड़े पदार्थ भी शामिल हैं।
अधिकारियों ने 2,088.70 कैरेट हीरे भी जब्त किए, जिनकी कीमत करीब 6.51 करोड़ रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान 23,100 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा और लगभग 90 लाख रुपये मूल्य की महंगी घड़ियां भी बरामद की गईं।
कस्टम्स ने अन्य तस्करी के सामान में 30 आईफोन, छह महंगे लैपटॉप, पहनने योग्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सिगरेट की करीब 56 हजार स्टिक भी जब्त की हैं। इन सामान की कुल कीमत करीब 52.63 लाख रुपये बताई गई है।
वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में अधिकारियों ने 9 फेनेक लोमड़ियां बरामद कीं। इनमें आठ जीवित थीं, जबकि एक मृत मिली। फेनेक लोमड़ी सहारा रेगिस्तानी क्षेत्र की मूल निवासी प्रजाति है और अपने छोटे आकार, मलाईदार रंग की त्वचा तथा असामान्य रूप से बड़े कानों के लिए जानी जाती है।
अधिकारियों के मुताबिक, फेनेक लोमड़ियों की तस्करी मुख्य रूप से विदेशी पालतू जानवरों के अवैध कारोबार में बढ़ती मांग के कारण होती है। सोशल मीडिया और लोकप्रिय फिल्मों के माध्यम से इन छोटे और आकर्षक वन्यजीवों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है, जिससे इनके अवैध व्यापार को भी बढ़ावा मिला है।
कस्टम्स ने बताया कि मामले में सीमा शुल्क अधिनियम, 1962, स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य तस्करी पर रोक लगाने के साथ सरकारी राजस्व, जनस्वास्थ्य, जैव विविधता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना है।

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