इधर ट्रंप की ‘फाइनल वॉर्निंग’, उधर ईरान ने कर दिया मिसाइल हमला; मिडिल ईस्ट में चरम पर तनाव

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के कड़े अल्टीमेटम के तुरंत बाद ईरान ने इजराइल की ओर मिसाइलें दाग दीं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने गुरुवार को इजराइल की तरफ मिसाइल हमला किया। यह हमला उस समय हुआ जब ट्रंप ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ईरान को चेतावनी दी थी कि वह तुरंत समझौता करे और युद्ध रोके। इजराइल की सेना ने बताया कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों को पहचान लिया है और उन्हें रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं। सेना के अनुसार तीन घंटे के भीतर यह तीसरी बार था जब मिसाइलें दागी गईं।
इजराइल के उत्तरी इलाकों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है। यह हमला उस समय हुआ जब ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान को “स्टोन एज” यानी बहुत पीछे धकेलने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर जल्द कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा।
यह पूरा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर अचानक हमला किया था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। अमेरिका ने इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया, जबकि इजराइल ने इसे ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ कहा। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं।
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर बहुत कड़ा हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को जल्द पूरा कर लेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर इस दौरान कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और अन्य अहम ढांचों को एक साथ निशाना बनाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका उद्देश्य सत्ता परिवर्तन नहीं था, लेकिन हालात अपने आप बदल गए हैं।




