एम्‍स में समोसा-कचौड़ी पर बैन, नए मेन्यू में अंडा, सलाद और फ्रेश फ्रूट्स

नई दिल्ली। समोसा, कचौड़ी, ब्रेड पकोड़ा अब एम्स के कैफेटेरिया में नहीं मिलेंगे। डायरेक्टर ने एम्स की कैंटीन में ऐसे फूड आइटम्स पर रोक लगा दी है, जो सामान्य तौर पर बेहतर नहीं माने जाते हैं। इसका मकसद फैकल्टी, रेजिडेंट्स डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्टाफ जो सीधे मरीजों के इलाज से जुड़े रहते हैं, इनकी सेहत बेहतर रहे, ये स्वस्थ रहें इसके लिए यह कदम उठाया गया है। आदेश के अनुसार, जहां एक तरफ समोसा, कचौड़ी, ब्रेड पकोड़ा पर रोक लगाई गई है तो दूसरी तरफ उबले अंडे, दूध, उबले चने, फ्रूट्स सलाद, वेज सलाद, बिना कटे फ्रेश फ्रूट्स, जूस उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा कैंटीन में उपमा और पोहा भी मिलेगा।

इससे पहले एम्स प्रशासन ने मोटे अनाज से बनने वाले भोजन के लिए स्पेशल कैंटीन की शुरुआत करने का आदेश भी जारी किया है, जो 1 मार्च से शुरू करने की योजना है। आदेश के अनुसार, कैफेटेरिया मैनेजमेंट कमिटी को आदेश जारी कर दिया गया है और उन्हें सात दिनों के अंदर सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है। सर्जिकल ब्लॉक और मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक के अलावा सभी कैफेटेरिया और डॉक्टरों के हॉस्टल में अब जंक फूड नहीं मिलेगा और वहां केवल हेल्दी फूड ही मिलेगा।
एम्स में दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, विभिन्न राज्यों से मरीजों को रेफर किया जाता है। हालांकि, बेड की संख्या कम होने की वजह से मरीजों को दिक्कत होती है। इसी को ध्यान में देते हुए निदेशक की तरफ से एक नोटिस जारी किया गया है। इसके तहत अस्पताल में मौजूद क्लिनिक डिपार्टमेंट में स्मॉल आईसीयू और एचडीयू वार्ड बनाने का आदेश दिया गया है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए भटकना ना पड़े। इस मसले पर 28 फरवरी तक प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है।

नोटिस के अनुसार, एम्स में आईसीयू और एचडीयू बेड की संख्या 10 फीसदी से कम है। इस प्लान के लागू होने के बाद इसकी संख्या बढ़कर 30 फीसदी से ऊपर हो जाएगी। इस दौरान कुछ वार्ड के बेड को भी आईसीयू और एचडीयू में भी तब्दील किया जाएगा। इस तरह अस्पताल में आ रहे गंभीर मरीजों को काफी सुविधा होगी। एम्स के निदेशक डॉक्टर एम श्रीनिवास ने आदेश दिया है कि सभी क्लिनिक डिपार्टमेंट में छोटा आईसीयू और एचडीयू वार्ड बनाया जाएगा। इन वार्ड के अंदर टास्क शिफ्टिंग और टास्क शेयरिंग सोच को लागू करके मानव संसाधन का अच्छा इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा बजट 2023-24 के तहत वार्ड के लिए कई नए मेडिकल इक्विपमेंट्स की खरीद की जाएगी। इसके अलावा बेड तक ऑक्सिजन पहुंचाने से लेकर कई अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

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