बिंदकी में लीकेज पाइपलाइन से घरों में पहुंच जा रहा नाली-नालों का गंदा पानी

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। बिंदकी नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नाली-नालों के गंदे पानी से होकर गुजर रही वाटर लाइनों के कारण घरों तक दूषित पानी पहुंचने का खतरा बना हुआ है। कई स्थानों पर लीकेज के चलते नालों का गंदा पानी पाइपों में मिलकर सीधे उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंच रहा है। इससे जिससे संक्रामक बीमारियों की आशंका बढ़ गई है।
कस्बे के अधिकांश मोहल्लों में घरों तक जाने वाली वाटर लाइन नालों के भीतर या उनके किनारे से होकर गुजर रही है। ऐसी स्थिति में पाइप लाइन में खराबी आने पर गंदा पानी सप्लाई में मिल सकता है। बारिश के दिनों में नाले उफनाने पर वाटर लाइन पूरी तरह डूब जाती हैं। इससे दूषित जलापूर्ति शुरू हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार नलों से आने वाले पानी में दुर्गंध भी महसूस होती है।
आरोप है कि नगर पालिका कर्मचारी नए कनेक्शन देने और मरम्मत के दौरान वाटर लाइन को सुरक्षित स्थानों से ले जाने में लापरवाही बरत रहे हैं। वर्तमान में नगर पालिका क्षेत्र में 16 नलकूपों से 25 वार्डों में जलापूर्ति की जा रही है। सभी नलकूप चालू होने के बावजूद पानी की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मानी जा रही है। नगर में जलापूर्ति का टीडीएस स्तर 350 से 400 तक दर्ज किया जा रहा है। कुछ इलाकों में यह 400 से ऊपर पहुंच चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार पेयजल के लिए 150 से 300 टीडीएस को उपयुक्त माना जाता है।
जलकल विभाग के अवर अभियंता योगेश गुप्ता ने बताया कि आमतौर पर नगर पालिका क्षेत्र में 400 से 500 टीडीएस का मानक तय है। जिन स्थानों पर नालों से होकर वाटर लाइन गुजरी है वहां जल्द सुधार कर उन्हें सुरक्षित स्थानों से निकाला जाएगा।





