जिम्मेदारी से बचते जनप्रतिनिधि! बुरारी में जलभराव पर पार्षद ने मुख्यमंत्री पर डाली जिम्मेदारी, उठे सवाल
बुरारी में जलभराव पर जिम्मेदारी को लेकर विवाद, पार्षद के बयान से उठे सवाल; जनता ने जवाबदेही पर किया सवाल खड़ा।

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली स्टेट हेड
नई दिल्ली। राजधानी के बुरारी क्षेत्र में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्र में बारिश के बाद उत्पन्न जलभराव की समस्या के संबंध में जब निगम पार्षद अनिल त्यागी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस समस्या के समाधान की जिम्मेदारी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर डाल दी।
पार्षद के इस बयान ने स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आमतौर पर नालों की सफाई, जल निकासी और ड्रेनेज व्यवस्था जैसे कार्य नगर निगम और क्षेत्रीय पार्षद के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में पार्षद द्वारा सीधे तौर पर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना लोगों को हैरान कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि को चुना है, न कि जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाने के लिए। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि पार्षद ही स्थानीय समस्याओं के प्रति जवाबदेह नहीं होंगे, तो आम जनता अपनी शिकायत किसके पास लेकर जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के बयान जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक समन्वय की कमी को उजागर करते हैं। इससे न केवल स्थानीय प्रशासन की छवि प्रभावित होती है, बल्कि जनता का भरोसा भी कमजोर पड़ता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या जलभराव जैसी मूलभूत समस्या का समाधान किया जाता है या फिर जिम्मेदारियों के इस खेल में आम जनता को ही परेशान होना पड़ेगा।




