एसएसपी अनुराग आर्य ने दरोगा को किया निलंबित, पीड़ित से रिश्वत लेते वीडियो हुआ था वायरल

बरेली/उत्तर प्रदेश। बरेली के कोतवाली देवरनियां के दरोगा को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। आरोप है कि दरोगा ने पीड़ित से रिश्वत ली थी, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। उधर, पीड़ित ने बताया कि दुकान में आगजनी और फायरिंग करने के मामले में आरोपी अभी पकड़े नहीं गए हैं। उसने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एडीजी जोन से गुहार लगाई है।
गांव कठर्रा निवासी पीतम सिंह का बरेली-नैनीताल हाईवे किनारे विशाल मेडिकल स्टोर है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि मयंक वर्मा और उसका भाई शशांक वर्मा दो साल से रंगदारी वसूल रहे हैं। 19 अगस्त की सुबह दोनों भाई अपने 10-12 साथियों के साथ दो कारों से यहां पहुंचे। उन्होंने पहले पड़ोस में स्थित कन्फेक्शनरी की दुकान में आग लगाई, फिर मेडिकल स्टोर पर हमला कर करीब 50 हजार रुपये का नुकसान पहुंचाया और बैग में रखे 5500 रुपये भी छीन लिए।
हमले में पीतम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उसके कान में चोट लगने से सुनने की क्षमता भी खत्म हो गई। इस मामले में मेडिकल संचालक और कन्फेक्शनरी स्वामी द्वारा अलग-अलग दो मुकदमे दर्ज कराए गए थे, जिसमें मयंक वर्मा और शशांक वर्मा समेत कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। मामले की विवेचना दरोगा सतीश कुमार कर रहे हैं।
पीड़ित ने बताया कि मयंक वर्मा और शशांक वर्मा बहेड़ी विधानसभा से विधायक रहे दिवगंत अम्बा प्रसाद के पौत्र हैं। आरोप है कि विवेचक सतीश कुमार ने आरोपियों से मिलीभगत कर मामले को कमजोर करने की कोशिश की। पीड़ित से रिश्वत ली थी। मेडिकल स्टोर में पीड़ित से रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आरोपी दरोगा थाने से लापता हो गया है। उधर, पीड़ित ने अब एडीजी रमित शर्मा से आरोपियों की गिरफ्तारी कराने के लिए गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी लगातार उसे धमका रहे हैं। कभी भी जानलेवा हमला कर सकते हैं।

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