आगरा में टिकट न मिलने पर पेट्रोल लेकर बीजेपी कार्यालय पहुंची महिला नेता, जमकर मचा हंगामा

आगरा,(उत्तर प्रदेश)।  आगरा में महिला बीजेपी नेता का टिकट काटे जाने के विरोध में सोमवार को ब्रजक्षेत्र कार्यालय पर जमकर हंगामा हुआ। पेट्रोल लेकर आत्मदाह करने पहुंची बीजेपी नेता ने टिकट नहीं मिलने पर जान देने की धमकी दे डाली। इसके बाद कार्यकर्ताओं की भीड़ लेकर धरना दिया। वहीं मौके पर पहुंचे बीजेपी नेताओं ने उन्हें आश्वासन दिया, लेकिन बी फॉर्म किसी ओर को दे दिया। इसके अलावा बीजेपी जिलाध्यक्ष के भाई ने भी बगावत करते हुए निर्दलीय पर्चा भरा है।

गढ़ी भदौरिया की रहने वाली मिथलेश मौर्या माधव मंडल में मंत्री हैं। उनके पति सतीश कुमार आरएसएस के कार्यकर्ता हैं। बेटा गोगा मौर्या भाजयुमो में महानगर उपाध्यक्ष है। मिथलेश मौर्या का कहना है कि बीजेपी सूची में वार्ड 25 से उनका नाम शामिल था। महानगर अध्यक्ष भानु महाजन ने उन्हें आश्वस्त किया था कि बी फॉर्म आपको दिया जाएगा। सुबह 8 बजे उन्हें पार्टी कार्यालय बुलाया था, लेकिन 10.30 बजने के बाद भी उन्हें बी फार्म नहीं दिया गया। इस पर उनका सब्र टूट गया और उन्होंने अपने क्षेत्र से समर्थक और महिलाओं की भीड़ एकत्रित कर ली। पेट्रोल छिड़क अपनी जान देने की धमकी दे डाली। वे जयपुर हाउस स्थित ब्रजक्षेत्र कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गईं।
मिथलेश मौर्या का कहना है कि वे लंबे समय से बीजेपी में सक्रिय है। पूरा परिवार बीजेपी से जुड़ा हुआ है। पार्टी के पदाधिकारी उन्हें झूठा आश्वासन दे रहे थे। उनके स्थान पर गढ़ी भदौरिया सुमन देवी का बी फॉर्म दिया गया है। बीजेपी नेताओं ने बताया कि मिथलेश मौर्या के खिलाफ शाहगंज थाने में डकैती और मारपीट का केस दर्ज है। उनके दो बेटों को भी इस केस में शामिल किया गया है। यही वजह है कि उनकी अंतिम समय में टिकट काटकर सुमन देवी को प्रत्याशी बनाया गया है।

बीजेपी के जिलाध्यक्ष गिर्राज सिंह कुशवाह के भाई राजेंद्र सिंह कुशवाह ने बगावत दिखाई है। भतीजे की टिकट फाइनल होने पर उसी वार्ड से निर्दलीय नामांकन कर दिया है। राजेंद्र सिंह का कहना था कि उन्हें भाई ने आश्वासन दिया था कि नगला पदी वार्ड 72 से उन्हें बीजेपी से प्रत्याशी बनाया जाएगा, लेकिन एन मौके पर उनके स्थान पर गिर्राज सिंह ने अपने बेटे को प्रत्याशी बना दिया। इससे गुस्साए राजेंद्र सिंह ने निर्दलीय नामांकन कर दिया है। 2017 के निकाय चुनाव में जीतकर आने वाले बीजेपी के पार्षदों में से 46 पार्षदों की टिकट काट दी है। इसके अलावा 15 पार्षदों पर बीजेपी ने दोबारा भरोसा जताया है। सोमवार को नामांकन के दिन कहीं खुशी तो कहीं गुस्सा दिखाई दिया।

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