बीएसएफ का दावा पाकिस्तान रेंजर्स की कैद में पूर्णम कुमार शॉ सेफ
पठानकोट से कोलकाता लौटी पत्नी, पर टेंशन कम नहीं

कोलकाता/एजेंसी। गर्भवती महिलाएं घर में आराम करती हैं। पेट में पल रहे बच्चे के बारे में सोचकर खुश होती हैं। दिन भर पोष्टिक खाना और अच्छी लिक्विट डाइट लेती हैं ताकि उनका होने वाला बच्चा स्वस्थ्य हो। वह हर एक पल बच्चे का एहसास करती हैं लेकिन रजनी को इसका एहसास करने का एक पल भी नहीं मिला। पोष्टिक खाना तो दूर भूखी-प्यासी रजनी लगातार ट्रैवल कर रही है। पाकिस्तान में रोके गए उनके बीएसएफ जवान पति के हर पल सुरक्षित लौटने की मन्नतें कर रही हैं। रजनी को अपने बच्चे और अपने गर्भ के बारे में सोचने का मौका ही नहीं मिल रहा है। वह मानसिक तनाव में है और बस पति के सुरक्षित वापस आने के लिए प्रार्थना कर रही है। हालांकि फिलहाल उसे यह जानकर राहत मिली है कि उसका पति सेफ है। बीएसएफ जवान पूरणम कुमार शॉ पाकिस्तान में हैं। उन्हें वहां रोका गया है। पूरणम गलती से बॉर्डर के दूसरी तरफ पहुंच गए। उनकी पत्नी रजनी शॉ अपने पति के बारे में जानने के लिए परेशान हैं। वह सोमवार को अपने घर ऋषड़ा से पठानकोट गईं। वह जानना चाहती थीं कि उनके पति कैसे हैं और उन्हें वापस लाने के लिए क्या किया जा रहा है।
पूर्णम को छुड़वाने के लिए बीएसएफ अधिकारी लगातार बात कर रहे हैं लेकिन पाकिस्तान रेंजर्स उसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। रजनी ने अपना सफर रविवार रात से शुरू किया। वह अमृतसर मेल से पश्चिम बंगाल के हुगली से जम्मू- कश्मीर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने लगभग 2000 किलोमीटर लंबी यात्रा की। वह पठानकोट के एसएफ बेस पहुंचीं। यहां उन्होंने कहा कि जब तक उनके पति वापस नहीं आएंगे, वह कहीं नहीं जाएंगीं। हालांकि अधिकारियों ने उन्हें काफी समझाया। रजनी ने कहा कि मैं गर्भवती हूं लेकिन मेरी प्राथमिकता मेरे पति हैं। मैं अपने पेट में पल रहे बच्चे के बारे में सोच भी नहीं पा रही हूं। मुझे नहीं पता कि मेरे पति को पाकिस्तान में खाना-पानी मिल रहा है या नहीं। रजनी शॉ को BSF के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पूर्णम ठीक हैं। अमृतसर से कोलकाता वापस लौटी रजनी ने कहा कि बीएसएफ अफसरों ने कहा कि वहां रुकने से कोई फायदा नहीं होगा। मेरे पति को जल्दी छुड़ाने की बीएसएफ पूरी कोशिश कर रही है।
पूर्णम कुमार शॉ पिछले बुधवार को गलती से सीमा पार कर गए थे। इसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें पकड़ लिया। रजनी ने बताया कि वह फिरोजपुर में कमांडिंग ऑफिसर से मिलकर संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी ने मुझे बताया कि पाकिस्तान रेंजर्स के साथ बातचीत चल रही है और जल्द ही कोई हल निकलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि उनके पति सुरक्षित हैं और जल्द ही वापस आ जाएंगे। बीएसएफ ने रजनी, उनके बेटे, बहनों और बहनोई के फिरोजपुर से अमृतसर जाने का इंतजाम किया। रजनी पहले पठानकोट गईं थीं। फिर वह अपने पति की वापसी के बारे में जानकारी लेने के लिए फिरोजपुर गईं।
बुधवार को बीएसएफ अधिकारियों ने रजनी को बताया था कि अगले कुछ दिनों में अच्छी खबर मिल सकती है। उन्होंने संकेत दिया था कि पूरणम को जल्द ही पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा सौंप दिया जाएगा। इससे एक दिन पहले, रजनी परेशान हो गई थीं। उन्हें पता चला था कि दोनों देशों की सुरक्षा बलों के बीच होने वाली एक मीटिंग रद्द हो गई है। इस मीटिंग को फ्लैग मीटिंग कहते हैं। रजनी शॉ अपने पति को लेकर बहुत चिंतित हैं। वह हर संभव कोशिश कर रही हैं कि उनके पति जल्द से जल्द वापस आ जाएं। बीएसएफ भी इस मामले में पूरी मदद कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कोई अच्छी खबर मिलेगी।




