सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के एसआई राहुल मलिक को रिश्वत लेने के आरोप में किया गिरफ्तार

CBI arrested Delhi Police SI Rahul Malik on charges of taking bribe

नई दिल्ली/एजेंसी। सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर को शिकायती से कथित रूप से 50 लाख रुपए की रिश्वत मांगने और ढाई लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी एसआई दिल्ली पुलिस रोहिणी के साइबर पुलिस थाने में तैनात है। इसके मामले में सीबीआई और जांच कर रही है कि इससे पहले भी क्या यह इस तरह से और भी भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल रहा है।
सीबीआई ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी एसआई का नाम राहुल मलिक है। इसे मुंबई, इरोड (तमिलनाडु) और नई दिल्ली स्थित कई हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से रिश्वत के रूप में 2.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने बताया कि आरोपी सब-इंस्पेक्टर और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। आरोप है कि शिकायतकर्ता मुंबई से टूर एंड ट्रेवल्स का बिजनेस चलाता है। उसके कैश मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) से संबंधित एक निजी कंपनी के साथ बिजनेस टर्म थे। लेकिन बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि निजी कंपनी द्वारा वर्चुअल वॉलेट के लिए उसे दिए गए लॉगिन क्रेडेंशियल फर्जी नाम से बनाए गए थे। निजी कंपनी से संबंधित मामला रोहिणी के साइबर पुलिस थाने में दर्ज एक एफआईआर के तहत जांच के अधीन था।
सीबीआई के मुताबिक आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता के बहनोई को नोटिस जारी किया। जो जांच में शामिल हुए और जब वे जांच के लिए उसके सामने पेश हुए तो आरोपी ने उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दे डाली। आरोप है कि सात मार्च को मामले के आरोपी जांच अधिकारी (IO) एसआई ने नवी मुंबई में शिकायतकर्ता के आवास का दौरा किया और उनके और उनके बहनोई का नाम मामले से हटाने के लिए कथित रूप से 50 लाख रुपए की मांग की। रिश्वत ना देने पर उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दी। इससे अगले दिन आठ मार्च को उक्त आरोपी ने शिकायतकर्ता को मुंबई के घोडबंदर रोड स्थित एक होटल में मिलने के लिए बुलाया।
सीबीआई ने बताया कि आरोप लगाया गया कि जब शिकायतकर्ता उक्त होटल में गया और आरोपी एसआई से मिला तो उसने फिर से शिकायतकर्ता को धमकी दी और अपने मोबाइल पर कथित रूप से 16 लाख रुपये की रकम टाइप करके रिश्वत की मांग की। बाद में जब शिकायतकर्ता अपने वकील के साथ रोहिणी के साइबर पुलिस थाने पहुंचा तो आरोपी ने रिश्वत नहीं देने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी। बातचीत के बाद आरोपी 14 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करने को तैयार हो गया और शिकायतकर्ता को बताया कि वह उन लोगों का विवरण साझा करेगा। जिन्हें रिश्वत दी जानी है।
आगे की कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को हवाला टोकन नंबर का विवरण मुंबई में हवाला ऑपरेटर का नंबर प्राप्त हुआ। जिसे रिश्वत की राशि दी जानी थी। इसके बाद 19 मार्च को सीबीआई द्वारा जाल बिछाया गया। जिसमें मुंबई स्थित हवाला ऑपरेटर ने मुंबई, इरोड (तमिलनाडु) और नई दिल्ली स्थित कई हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से रिश्वत के हिस्से के रूप में लोक सेवकों की ओर से 2.5 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार की। आरोपी लोक सेवक को 19 मार्च को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी को शुक्रवार को मुंबई में नामित सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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