वाराणसी में पत्नी से परेशान सिपाही ने फांसी लगा कर दे दी जान

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। वाराणसी में सिपाही की आत्महत्या ने सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, जिस पर दूसरों की सुरक्षा का भार हो, अगर वही बिखरने लगे, तो फिर स्थिति गड़बड़ हो जाती है। अगर सिपाही ही पारिवारिक विवाद में भी टूट कर बिखर जाए, इसे आश्चर्य माना जा रहा है। दरअसल, वाराणसी में पत्नी से परेशान सिपाही ने जान दे दी। सिपाही के कमरे से सुसाइड नोट बरामद किया गया है। इसके आधार पर पत्नी, सास और ससुर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सुसाइड नोट में तीनों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। आरक्षी ओंकार पटेल आजमगढ़ डीआईजी ऑफिस में तैनात था। 2 साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। घटना चोलापुर थाना क्षेत्र के भटपुरवा गांव की है। आरक्षी 25 अप्रैल को छुट्टी लेकर आजमगढ़ से घर आया था। इसी दौरान पत्नी से बहस के बाद उसने फांसी लगाकर जान दे दी। 32 वर्षीय सिपाही का शव शनिवार की सुबह उसके कमरे में फंदे से लटकता मिला।पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। आरक्षी ओंकार पटेल ने सुसाइड नोट में पत्नी ज्योति पटेल और सास-ससुर पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। नोट में इस आधार पर उसने जान देने की बात कही है। वर्ष 2011 बैच का सिपाही ओंकार पटेल बलिया में तैनात था। उसकी प्रतिनियुक्ति आजमगढ़ डीआईजी कार्यालय में थी। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया। सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं मिलने पर खिड़की से झांका तो ओंकार का शव फंदे से लटकता मिला।
घटना की सूचना पर फॉरेंसिक टीम के साथ चोलापुर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद ओंकार के शव को फंदे से उतारा गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया। कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला। चोलापुर थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, सुसाइड नोट में पत्नी ज्योति पटेल, सास और ससुर से मानसिक रूप से परेशान होने की बात लिखी गई है। ओंकार ने लिखा है कि पत्नी उसकी कोई बात नहीं मानती है। सास-ससुर उसे उकसाते रहते हैं। इससे वह आजिज आ चुका है।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पिता रामलखन पटेल की तहरीर पर बड़ालालपुर चांदमारी निवासी ज्योति पटेल, सास कुसुम देवी और ससुर जयप्रकाश पटेल पर आत्महत्या के लिए ओंकार पटेल को उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। घटना के समय ज्योति पटेल मायके में थी। सिपाही की 2 साल पहले शादी हुई थी। परिजनों का कहना है कि ओंका की पत्नी ज्योति पटेल ज्यादातर अपने मायके में ही रहती थी। सास-ससुर बेटी की विदाई नहीं कर रहे थे। सिपाही ने सुसाइड नोट में लिखा कि कई बार समझौते के बाद भी पत्नी के व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। इससे वह परेशान हो चुका था।
चोलापुर थाना प्रभारी ने बताया कि सुसाइड नोट में सिपाही ने यह भी लिखा है कि उसकी मौत के बाद सरकारी सुविधाओं का लाभ उसकी पत्नी को न मिले। साथ ही, ओंकार ने लिखा है कि न ही ज्योति से उसके मरने के बाद कोई शादी करे। ओंकार पटेल का छोटा भाई ओमप्रकाश पटेल भी संत कबीर नगर में आरक्षी है।

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