35 साल पहले पुलिस हिरासत में लिए गए बुजुर्ग की आज तक बरामदगी नहीं
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मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश। मुजफ्फरनगर में हत्या के लिए अपहरण के 35 साल पुराने मामले में नामजद सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी की कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इस मामले में पुलिस ने विवेचना कर तत्कालीन थाना प्रभारी सहित छह आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। 3 दशक पहले एक बुजुर्ग को पुलिस कर्मी घर से उठा ले गए थे। सात दिन तक वह पुलिस हिरासत में रहा था, लेकिन उसके बाद गायब हो गया था। पुलिस ने उसे छोड़ने की बात कही थी, लेकिन उसका आज तक कुछ पता नहीं चला।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता परविंदर सिंह के अनुसार थाना शाहपुर क्षेत्र के गांव हरसौली निवासी रमजान पुत्र निजामुद्दीन को 29 मई 1989 को थाना प्रभारी निरीक्षक इंदल सिंह घर से उठाकर ले गए थे। इस मामले में रमजान की पत्नी भीजी एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि जब उसके पति को थाना प्रभारी इंदल सिंह उठाकर ले जा रहे थे, तो गांव में रिश्तेदार अब्दुल रहमान और कई अन्य लोगों ने देखा था। पुलिस से थाने पहुंचकर रमजान को छोड़ने की गुहार लगाई गई थी। छह जून 1989 की शाम को छोड़ने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक रमजान का कोई सुराग नहीं लगा।
पुलिस ने रमजान के गायब होने के मामले में तत्कालीन थाना शाहपुर प्रभारी इंदल सिंह के विरुद्ध अपहरण के लिए हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच की थी। जांच के दौरान मामले में पुलिस कांस्टेबल रतनलाल पुत्र नत्थी लाल निवासी नगला कासिमपुर जगमेहर आगरा सहित पांच पुलिस कर्मियों के नाम प्रकाश में आए थे। जिनके विरुद्ध पुलिस ने 30 दिसंबर 1994 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
लंबी फरारी के बाद रतनलाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट में रतनलाल का जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता परविंदर सिंह ने बताया, पूर्व पुलिस कर्मी के जमानत प्रार्थना पत्र पर एडीजे-7 दिव्या भार्गव ने सुनवाई की। बताया कि सुनवाई के बाद उन्होंने जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
रमजान की पत्नी भीजी ने मुकदमा दर्ज कराया था। हांलाकि पुलिस पर हत्या के लिए अपहरण का मकदमा चल रहा है। बावजूद रमजान के परिवार वाले उसे आज तक तलाश कर रहे हैं। स्वजन का विश्वास है कि रमजान एक दिन घर जरूर आएगा। हांलाकि इस मामले में कानून अपना काम कर रहा है। छह पुलिस कर्मियों पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा चल रहा है।



