ममता से बांग्लादेश के कट्टरपंथी की अपील, बंगाल को भारत से आजाद करने का करें ऐलान
Bangladeshi extremist appeals to Mamata, declare Bengal independent from India

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क। शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश कट्टरपंथी और चरमपंथियों का गढ़ बनता जा रहा है। जहां से भारत विरोधी भावनाएं लगातार उबाल मार रही है। हिंदुओं को वहां लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उनके घरों, मकानों, दुकानों को जलाया जा रहा है। वहीं नोबेल पुरस्कार विजेता और वर्तमान सरकार के मुखिया मोहम्मद युनूस भले ही स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हों लेकिन भारत को लेकर कभी जमात को कभी कट्टरपंथी, आतंकवादी संगठन की तरफ से लगातार बयान जारी किए जा रहे हैं। अब एक इस्लामिक नेता ने अब भारत को तोड़ने का आह्वान तक कर डाला है। बांग्लादेश में अल-कायदा से जुड़े आतंकवादी संगठन अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) के प्रमुख ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बंगाल को मोदी के चंगुल से मुक्त कराने और स्वतंत्रता की घोषणा करने को कहा है।
आतंकी गुट के प्रमुख ने भारत को धमकी देते हुए उसे अपने पड़ोसी बांग्लादेश के साथ किसी भी तरह के झगड़े से बचने के लिए कहा। एबीटी प्रमुख जशीमुद्दीन रहमानी को हाल ही में बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने जेल से रिहा कर दिया था। शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश के प्रदर्शनकारियों और सेना समर्थित सरकार अब बांग्लादेश को कंट्रोल कर रही है। रहमानी 2013 से जेल में था और उसे देश में धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था।
एक वीडियो मैसेज में भारत को चेतावनी देते हुए उसे ये कहते हुए सुना जा सकता है कि अगर तुमने बांग्लादेश की तरफ देखा तो हम आंखें निकाल लेंगे। अगर तुम हाथ बढ़ाओगे तो हम हाथ काट देंगे और अगर तुम कोई कदम उठाओगे तो हम टांग तोड़ देंगे। दो मिनट के वीडियो में कट्टरपंथी अस्पताल के बेड पर बैठा नजर आ रहा है। उसने दावा किया कि बांग्लादेश कोई सिक्किम या भूटान नहीं, बल्कि 18 करोड़ मुसलमानों वाला देश है। आतंकवादी संगठन से जुड़े रहमानी यहीं नहीं रुका। उसने भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आप बांग्लादेश की ओर एक कदम बढ़ाएंगे तो हम चीन से कहेंगे कि चिकन नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) बंद कर दे। हम सेवन सिस्टर्स (पूर्वोत्तर राज्यों) से स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने का अह्नान करेंगे।




