भारत बना विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था, दुनिया में कायम हो रही पहचान : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

गुरुग्राम। गुरुग्राम में गुरुवार को बहोडा कलां में स्थित ब्रह्माकुमारी ओम शांति रिट्रीट सेंटर में ‘वूमेन एज फाउंडेशन ऑफ ए वैल्यू बेस्ड सोसाइटी’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत जी-20 की अध्यक्षता करते हुए सामाजिक व आर्थिक उत्थान में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संस्कारों के समावेश के साथ भारत की पहचान दुनिया में कायम हो रही है। उन्होंने कहा कि देश लगातार बदल रहा है और आज आर्थिक समृद्धि के साथ विश्व के 5वें पायदान पर भारत दुनिया में अग्रणी बन रहा है।

इस दौरान राष्ट्रपति ने दीप प्रज्ज्वलन कर सेमिनार का शुभारंभ किया। ओम शांति रिट्रीट सेंटर में पहुंचने पर हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। वहीं ओम शांति रिट्रीट सेंटर परिसर में राष्ट्रपति ने स्प्रिचुअल आर्ट गैलरी और 2डी रंगोली का अवलोकन भी किया।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि समाज में महिला सशक्तिकरण के लिए जहां सरकार अपना दायित्व निभा रही है, वहीं प्रत्येक व्यक्ति को नारी शक्ति का सम्मान करते हुए उनकी कार्यशैली से प्रेरणा लेनी चाहिए। आज विश्व स्तर पर भारत संस्कारों के बल पर अपना प्रभुत्व कायम कर रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि आध्यात्मिक चिंतन के साथ सामाजिक विकास की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मूल्यों आधारित समाज की संरचना की जा रही है। उन्होंने ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय संस्थान द्वारा समाज हित में किये जा रहे कार्यों व आत्मिक चिंतन का संदेश जन जन तक पहुंचाने में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरूषों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। चाहे विज्ञान, कला, शिक्षा, इंजीनियरिंग या राजनीतिक क्षेत्र की बात क्यों न हो, महिलाओं ने हर स्तर पर अपनी कामयाबी के झंडे बुलंद किए हैं।उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए मां पहली गुरू व शिक्षक होती है, जो उन्हें संस्कारवान बनाती है। इसी प्रकार हमने धरती को भी माता का दर्जा दिया है, लेकिन आधुनिक युग में पर्यावरण को नुकसान पहहुंच रहा है, जिसके लिए सभी को सजग होने की जरूरत है। इस पहल में महिलाएं अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं से ही एक परिवार आदर्श परिवार बनता है और आदर्श परिवार से ही एक आदर्श समाज का निमार्ण होता है। इसलिए महिलाएं ही समाज में बदलाव ला सकती है।

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