सपा सरकार में मंत्री रहे कमलेश पाठक को औरैया डबल मर्डर केस में 6 साल की जेल

औरैया/उत्तर प्रदेश। औरैया जिले के चर्चित दोहरे हत्याकांड में सपा के पूर्व मंत्री कमलेश पाठक को छह साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई गैंगस्टर मामले में कोर्ट ने की है। कमलेश पाठक के अलावा आठ आरोपियों को भी 5-5 साल की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पूर्व मंत्री के गनर अवनीश प्रताप को गैंगस्टर मामले में दोषमुक्त कर दिया गया है। मंगलवार को औरैया कोर्ट में कमलेश पाठक समेत 10 आरोपियों की पेशी हुई थी।
यूपी के औरैया शहर के पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में वकील मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की 15 मार्च 2020 को जमीन के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाई पूर्व ब्लाक प्रमुख संतोष पाठक, रामू पाठक, कार चालक समेत गनर व अन्य लोग शामिल थे। कमलेश पाठक समेत कई आरोपियों पर गैंगस्टर ऐक्ट लगाया था।
मंगलवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कमलेश पाठक को दोषी ठहराया और गनर अवनीश प्रताप को दोषमुक्त कर दिया। सभी आरोपी अभी जेल में ही रहेंगे। अभी हत्या का मामला विचाराधीन है। गनर अवनीश प्रताप सिंह को गैंगस्टर ऐक्ट में बरी कर दिया गया है, लेकिन उन पर हत्या का केस चलेगा।
औरैया जिले के भड़ारीपुर गांव के निवासी कमलेश पाठक सबसे कम उम्र में विधायक बने। उन्होंने मुलायम सिंह यादव की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने जनता दल से विधायकों को तोड़ा था, तब मुलायम सिंह यादव की सरकार बनी थी। इसी के बाद उनको मुलायम सिंह का करीबी माना जाने लगा।
कमलेश पाठक का राजनीतिक सफर
- 28 साल की उम्र में सदर विधानसभा क्षेत्र में पहली बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और 1985 में विधायक चुने गए थे।
- 1990 में विधानपरिषद सदस्य रहे। 1991 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बने।
- 2002 में डेरापुर से चुनाव लड़कर फिर से विधायक बने।
- 2007 में दिबियापुर सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए।
- 2009 में अकबरपुर लोकसभा से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।
- 2012 में सिकंदरा सीट से चुनाव लड़े और फिर हार गए।
- 2013 में सपा सरकार में रेशम विभाग का अध्यक्ष बनाया गया और राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था।
- 2017 में सपा में वह एमएलसी बने।




