पीएम मोदी के जन्मस्थान वडनगर को जिला बनाने की तैयारी में गुजरात सरकार

Gujarat government is preparing to make PM Modi's birthplace Vadnagar a district

अहमदाबाद/एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मस्थान वडनगर को जिला बनाने की तैयारियों के बीच कांग्रेस के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने आंदोलन और विरोध की धमकी दी है। हरियाणा में विधानसभा चुनावों के प्रचार में जुटे जिग्नेश मेवाणी ने कहा है किवडगाम तहसील को बनासकांठा जिले से हटाकर नए वडनगर जिले में मिलाने की बात से पूरे वडगाम तालुका में काफी आक्रोश है। यदि सरकार ऐसा कोई भी मूर्खतापूर्ण निर्णय लेती है तो उसे व्यापक जन आंदोलन का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। मेवाणी वडगाम से विधायक हैं। वह दूसरी बार यहां चुने गए हैं। सरकार ने भी वडनगर को जिला घोषित नहीं किया है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अगुवाई वाली गुजरात सरकार सिर्फ वडनगर ही नहीं बल्कि राज्य में तीन से पांच नए जिले बनाने पर काम कर रही है। वडनगर जिले में मेहसाणा के हिस्से को रखने की तैयारी है, जब बनासकांठा और पाटण जिले से कुछ हिस्सों को निकालकर सरकार राधनपुर या फिर थराद को जिला घोषित कर सकती है। तीसरा जिला कच्छ में बनाया जा सकता है, हालांकि जिग्नेश मेवाणी ने वडगाम को वडनगर में जोड़े जाने की आशंका को लेकर विरोध की धमकी दी है, हालांकि इस संबंध में सरकार ने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसी भी चर्चा है कि गुजरात सरकार विरमगाम को भी जिला घोषित कर सकती है। विरमगाम से अभी हार्दिक पटेल विधायक हैं। विरमगाम अभी अहमदाबाद का हिस्सा है। इसके बाद सुरेंद्र नगर जिला शुरू हो जाता है। जिसे सौराष्ट्र का गेटवे कहा जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मस्थान के विकास के राज्य सरकार पिछले काफी सालों से काम कर रही है। भारतीय पुरातत्व विभाग की खुदाई में जिस तरह से वडनगर के ऐतिहासिक नगरी होने के सबूत मिले हैं। उसके बाद राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से इस एक बड़ी पहचान देना चाहती है। इसके लिए सरकार ने वडनगर में काफी चीजों का विकास किया है। वडनगर के उस स्टेशन को नया बनाया गया है जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता दामोदरदास मोदी चाया बेचते हैं और इसमें प्रधानमंत्री मदद करत थे। वडनगर जिला अभी मेहसाणा जिले में आता है। सूत्रों की मानें सरकार वडनगर को जिला बनाने के लिए मेहसाणा के साथ बनासकांठा जिले के कुछ हिस्सों को इसमें शामिल करना चाहती है।
जब गुजरात राज्य बॉम्बे स्टेट से अलगा होकर अस्तित्व में आया था तब राज्य के 17 जिले थे। अब गुजरात में कुल 33 जिले हैं। इनमें कच्छ सबसे बड़ा जिला क्षेत्रफल के हिसाब है, जब डांग सबसे छोटा जिला है। अहमदाबाद जिले की आबादी सबसे ज्यादा हैं। अहमदाबाद जिले में सबसे ज्यादा 21 विधानसभा क्षेत्र हैं। अहमदाबाद शहर और ग्रामीण के हिसाब से पुलिस की व्यवस्था है। सबसे कम आबादी डांग जिले की है। 1964 में सबसे पहले गांधीनगर जिला बना था तब अहमदाबाद के एक बड़ी हिस्से को गांधीनगर जिला बनाया गया था। इसके 1966 में वलसाड से अलग होकर सूरत बना था।
गुजरात सरकार ने साल 2013 में 15 अगस्त को सात नए जिले बनाए थे। इनमें साबरकांठा से अलग करके अरवल्ली और अहमदाबाद और भावनगर के हिस्सों को काटकर बोटाद जिला बनाया था। इसके अलावा राज्य सरकार ने वडोदरा से छोटा उदेपुर, देवभूमि द्वारका जिला जामनगर के क्षेत्रफल को काटकर बनाया था। मोरबी जिले का निर्माण राजकोट और सुरेंद्र नगर जिलों के हिस्सों को लेकर बनाया गया था। गिर सोमनाथ जिला जूनागढ़ के बड़े हिस्से को अलग करने पर बना था।

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