मेरठ के प्राइमरी स्कूल में बच्चे को नॉनवेज खिलाया, प्रधानाध्यापक निलंबित
In Meerut primary school, a child was fed non-veg, the headmaster was suspended

मेरठ/उत्तर प्रदेश। मेरठ महानगर के कोतवाली इलाके के वैद्यवाड़ा के सरकारी स्कूल में बच्चे को नॉनवेज खिलाने की शिकायत पर स्कूल और थाने में लोगों के साथ परिजनों ने हंगामा किया। थाने में दिव्यांग बच्चे ने जबरन नॉनवेज खिलाने की बात पुलिस को बताई। पुलिस ने स्कूल के प्रधानाध्यापक को हिरासत में लिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया। प्रधानाध्यापक के खिलाफ परिजनों ने थाने में एफआईआर लिखाने को तहरीर भी दी है।सोमवार को शिकायत के बाद विभागीय जांच बेसिक शिक्षा अधिकारी नए खंड शिक्षा अधिकारी (नगर क्षेत्र) श्याम मोहन अस्थाना से कराई। जांच अफसर ने स्कूल में जाकर जांच की। उन्होंने जांच रिपोर्ट में बताया कि स्कूल में ज्यादातर बच्चे मुस्लिम हैं। सोमवार को जांच के वक्त दो बच्चे मौजूद मिले। सोमवार को सिर्फ छह बच्चे स्कूल आए थे, जबकि रिकार्ड में 20 बच्चे रजिस्टर हैं, जिसमें स्कूल में सिर्फ दो बच्चे हिंदू हैं। इनमें एक बच्चा मानसिक दिव्यांग है। उसने मानसिक दिव्यांगता के कारण मांस खा लिया। स्कूल के मोहम्मद इकबाल की लापरवाही सामने आई है कि जानबूझकर उसने हिंदू बच्चे को मांस खिलाया। खंड शिक्षा अधिकारी के मुताबिक, बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी ने प्रिंसिपल मोहम्मद इकबाल को सस्पेंड कर दिया है। आगे की विभागीय जांच अब खंड शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार को दी गई है।
स्कूल में पढ़ने वाले दोनों हिंदू भाई हैं। बड़े भाई ने पुलिस को बताया कि सोमवार को स्कूल लंच में आलू-सोयाबीन की सब्जी आई थी। सब्जी अच्छी नहीं थी, इसलिए मैंने एक रोटी ही खाई, लेकिन मेरे दिव्यांग छोटे भाई ने दो रोटी खाई। मुझे प्रिंसिपल ने कहा कि आज सब्जी अच्छी नहीं आई है। तुम 100 रुपये लो और दुकान से जाकर मीट ले आओ। मैं दुकान से मीट ले आया। प्रिंसिपल ने पूछा कि तू भी खाएगा क्या? मैंने मना कर दिया। फिर उन्होंने मेरे दिव्यांग भाई से पूछा। मैंने उसके लिए भी मना कर दिया, लेकिन फिर उन्होंने छोटे भाई को मीट खिला दिया।
हम स्कूल से घर पहुंचे। मैंने मीट खिलाने की बात पिता जी माता जी से बता दी। मेरे मामा स्कूल पहुंचे और हंगामा किया। तब तक बात पुलिस तक जा पहुंची। दिव्यांग बच्चा ठीक से बोल तो नहीं रहा था, लेकिन पूछने पर उसने इशारों में बताया कि मीट कैसे खाया। जिसके बाद पुलिस प्रिंसिपल इकबाल को थाने ले आई। प्रिंसिपल इकबाल का कहना है कि आरोप गलत है। बच्चों से मीट नहीं मंगवाया। लंच के समय मैं ऑफिस में काम में व्यस्त था। स्कूल में कई मुस्लिम बच्चे हैं। हो सकता है कि उनमें से किसी ने खिलाया हो या ऑफर किया हो।




