हत्या के आरोपी को मणिपुर से पकड़ लाई पुलिस, हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल का मर्डर कर फरार था

नई दिल्ली। नॉर्थ ईस्ट दंगों के दौरान हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल हत्याकांड में शामिल भगोड़ा इनामी आरोपी मोहम्मद खालिद को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच का दावा है कि आरोपी को मणिपुर में म्यांमार भारत सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। बता दें कि नॉर्थ ईस्ट दंगों के दौरान 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। इस संबंध में दंगों को लेकर 750 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे।
क्राइम ब्रांच के स्पेशल सीपी रविंद्र कुमार यादव के मुताबिक, काफी लंबे समय से आरोपी की तलाश की जा रही थी। इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह को इनपुट मिला था कि दिल्ली दंगों के दौरान थाना दयालपुर इलाके में हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की हत्या मामले में वांटेड आरोपी मो. खालिद मणिपुर के म्यांमार भारत बॉर्डर के पास छिपा हुआ है। इस सूचना पर जॉइंट सीपी एसडी मिश्रा की देख रेख में एक टीम बनाई गई। जिसमें इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह, सब इंस्पेक्टर रवि भूषण, हेड कॉन्स्टेबल जितेंद्र सिंह और कॉन्स्टेबल मोहित थे। टीम ने आरोपी की सर्विलांस लोकेशन से उसका पता लगाया। पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने मो. खालिद को इम्फाल के नजदीक बॉर्डर एरिया से गिरफ्तार कर लिया।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 2020 में उसने अपने बड़े भाई मो. अयाज और अन्य साथी चांद बाग में हो रहे सीएए-एनआरसी के विरोधी प्रदर्शन में शामिल थे। उसके घर पर एक मीटिंग हुई। जिसमें लाठी, रॉड आदि इकट्ठा करने और सड़कों को ब्लॉक करने का फैसला लिया गया था। भीड़ ने सड़कों को रोका और दंगा शुरू कर दिया। दंगों के दौरान चांद बाग के पास विरोध प्रदर्शन में भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। खालिद ने बताया कि उसने वजीराबाद रोड को ब्लॉक करने की कोशिश की। जब पुलिस टीम ने रोकने की कोशिश की तो उसने, उसके भाई मो. अयाज और अन्य लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिससे रतन लाल की मौत हो गई थी और कई अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

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