केरल के विझिंजम पुलिस थाने पर हमला करने के आरोप में 3,000 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज, हिंसा में 36 पुलिसकर्मी घायल

विझिंजम,(केरल)। केरल के विझिंजम इलाके में रविवार रात को अदानी बंदरगाह परियोजना के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़पों के संबंध में 3,000 से अधिक लोगों पर मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि एक पुलिस थाने में तोड़फोड़ करने तथा पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए 3,000 ऐसे लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं जिनकी पहचान की जा सकती है। हिंसा में 36 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इससे पहले रविवार को राज्य पुलिस ने विझिंजम में हिंसा को लेकर लातिन कैथोलिक गिरजाधर के कम से कम 15 पादरियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) एम.आर. अजित कुमार ने मीडिया को बताया कि भीड़ ने रविवार शाम को पुलिस थाने में तोड़फोड की और पुलिसकर्मियों पर हमला किया जिसमें करीब 36 पुलिस कर्मियों को चोटें आने के बाद विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुमार ने मीडिया को बताया, ‘‘शाम को पुलिस थाने में भीड़ एकत्रित हो गयी और एक अन्य मामले में गिरफ्तार कुछ लोगों को रिहा करने की मांग की। उन्होंने पुलिस थाने में तोड़फोड़ की और अधिकारियों पर हमला किया। एक एसआई के पैर की हड्डी टूट गई है। ऐसा लगता है कि उन्हें ईंट मारी गयी।’’ कुछ पुलिस अधिकारियों को सिर में गंभीर चोटें आयी है। कुमार ने कहा कि पुलिस की ओर से उकसावे वाली कोई कार्रवाई नहीं की गयी थी। उन्होंने कहा कि अधिकारी अत्यधिक संयम बरतते हुए कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रहे थे। प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। कुमार ने बताया कि क्षेत्र में करीब 600 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है तथा लगभग 300 और पुलिसकर्मियों को भेजा गया है।

तिरुवनंतपुरम में जिला प्रशासन ने रविवार रात को बंदरगाह परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे लातिन गिरजाघर के प्राधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस बीच, प्रदर्शनकारियों की ओर से सुलह बैठक में शामिल हुए फादर यूजीन पेरेरा ने मीडिया से कहा कि जनता को कोई नुकसान पहुंचाए बिना प्रदर्शनकारी हट जाएंगे। उन्होंने रविवार रात को कहा, ‘‘आज की बातचीत अब खत्म हो गयी है। आसपास के इलाकों में एकत्रित हुए लोग जनता को कोई नुकसान पहुंचाए बिना चले जाएंगे। सुबह फिर बातचीत होगी। हमारी अधिकारियों के साथ कई बैठकें होंगी।’’ परेरा ने कहा कि हिंसा के संबंध में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों के तथ्यों की पुष्टि की जाएगी और गिरजाघर के प्रतिनिधि, जिलाधीश द्वारा बुलायी सोमवार की बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पांच स्थानीय लोगों को हिरासत में लेने की वजह बताए बिना उन्हें पकड़ लिया था जिसने स्थानीय लोगों को उकसा दिया।

परेरा कहा था, ‘‘कई लोग घायल हुए और उन्हें शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हमें अब भी नहीं मालूम कि कितने लोग घायल हैं। कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं इसलिए कल की बैठक में हम सभी मुद्दों को शामिल करेंगे।’’ विझिंजम में सोमवार सुबह शांति रही और स्थिति को काबू में रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने रविवार रात को घटनास्थल पर मौजूदा मीडियाकर्मियों पर भी हमला किया था। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय चैनल ‘एसीवी’ के कैमरापर्सन शेरिफ एम जॉन पर हमला किया, उनका कैमरा क्षतिग्रस्त कर दिया था तथा उनका मोबाइल फोन छीन लिया था। उन्हें तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

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