फतेहपुर में जाली करेंसी में पकड़े गए आरोपियों से जेल में करेगी पूछताछ एटीएस
ATS will interrogate the accused caught with fake currency in Fatehpur in jail

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। फतेहपुर में नकली नोटों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। खागा कोतवाली और मझिलगांव पुलिस चौकी को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नकली नोटों की खेप लेकर आए हैं। मझिलगांव तिराहा बुधवन के पास से पुलिस ने तीन संदिग्धों को पकड़ा। मझिलगांव चौकी प्रभारी संजय कुमार परिहार के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में नौशाद उर्फ चुन्नू (35), आवेश आलम (24) और दानिश (28) शामिल हैं। इनके पास से 6 हजार रुपए के नकली नोट और तीन मोबाइल बरामद किए गए। चौथा आरोपी परवेज सिद्दीकी (32) मौके से फरार हो गया।
गिरोह का सरगना करीब 40 लाख रुपए की नकली नोटों की खेप लेकर आया था। पुलिस रेड की जानकारी मिलते ही वह इन नोटों के साथ फरार हो गया। जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र में कई महीनों से नकली नोट खपाने का काम चल रहा था।
पकड़े गए जाली नोट के मामले में एटीएस (एंटी टेरिरस्ट स्क्वायड) की पूछताछ में सिंडीकेट की कई पर्तें खुलकर सामने आ सकती हैं। एटीएस परवेज लंगड़ा से पूछताछ के बाद जेल में निरुद्ध उसके साथियों से पूछताछ के लिए पहुंचेगी। उनके बयान के बाद जांच की दिशा तय होगी। इधर, एसओजी भी लंगड़ा से जानकारी जुटाने की जद्दोजेहद कर रही है। उसके विकलांग होने के कारण पुलिस थर्ड डिग्री का रवैया नहीं अपना रही है।
कोतवाली क्षेत्र के अमांव गांव से जाली नोट के कारोबार को लेकर एसओजी व खागा पुलिस करीब 10 दिन से रैकेट के भंडाफोड़ में जुटी है। पुलिस अमांव के नौशाद उर्फ चुन्नू,आवेश आलम व दानिश को छह हजार की जाली करेंसी के साथ सोमवार को जेल भेज चुकी है। मामले में एटीएस के शामिल होने से जांच और भी तेज हो गई है। एटीएस अमांव निवासी परवेज सिद्दीकी उर्फ लंगड़ा के फोन नंबर,ईमेल, व्हाट्सएप की पड़ताल में जुटी है। उसने फोन से काफी डेटा हटा दिया है। एटीएस डेटा को रिकवर करने की कोशिश में जुटी है। जिससे जाली करेंसी के नेटवर्क की तह तक पहुंचा जा सके। लंगड़ा से पूछताछ के बाद एटीएस अमांव के जेल में निरुद्ध नौशाद उर्फ चुन्नू, आवेश आलम और दानिश से पूछताछ के लिए जेल जाएगी। जेल में तीनों के अलग-अलग बयान दर्ज करेगी।
इधर, एसओजी जाली नोट के अवैध कारोबार के सरगना परवेज उर्फ लंगड़ा से जुड़े लोगों के नाम व अहम जानकारियां जुटाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। उसके करीबियों से भी जानकारियां जुटा रही हैं। पुलिस ने मंगलवार की रात कौशांबी जिला अझुहा और सिराथू में दबिश दी। परवेज के गुर्गे हत्थे नहीं चढ़ सके। जाली नोटों को खपाने में कौशांबी जिले के साथी ही उसकी मदद कर रहे थे। पुलिस सिराथू के उस डॉक्टर के पास भी पहुंची, जहां परवेज ने परिवार के एक बच्चे के इलाज के लिए जाली नोट की गड्डी थमाई गई थी। हालांकि डॉक्टर ने इलाज से ही इंकार कर दिया है। पुलिस के सामने पल्ला झाड़ लिया। डॉक्टर के पीछे हटने से पुलिस वहां से वापस लौट आई। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि परवेज से मिल रही जानकारियों का सत्यापन कराया जा रहा है,उससे पूछताछ का सिलसिला चल रहा है।




