नोएडा पुलिस ने फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले गैंग का किया पर्दाफाश, 60 नकली सर्टीफीकेट बरामद

Noida Police busted a gang making fake mark sheets and degrees, 60 fake certificates recovered

नोएडा। उत्तर प्रदेश की नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक मकान पर छापा मारकर सरगना समेत दो लोगों को अरेस्ट किया है। गिरफ्तारी के दौरान मौके से 60 फर्जी मार्कशीट, लग्जरी कारें, प्रिंटर और लैपटॉप बरामद किए है। ये गिरोह विभिन्न राज्यों के बोर्ड और विश्वविद्यालयों की फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार कर बेचता था।
थाना फेस-1 पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-15 के एक किराए के घर में फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने का काम किया जा रहा है। पुलिस ने टीम बनाकर बताये गए जगह पर बुधवार को छापेमारी की।डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने बताया कि स्थानीय पुलिस ने जल बोर्ड सेक्टर-1 के पास से गैंग के सरगना समेत दो लोगों को अरेस्ट किया है। आरोपियों की पहचान अभिमन्यु गुप्ता (40) और धर्मेन्द्र गुप्ता (42) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सेक्टर-15 के एक किराए के मकान से यह पूरा अवैध कारोबार चला रहे थे। पकड़े गए आरोपियों के नेटवर्क तकनीकी रूप से बहुत मजबूत था।
ये लोग देशभर के विभिन्न राज्यों के बोर्ड और विश्वविद्यालयों की नकली डिग्रियां और मार्कशीट तैयार कर बेरोजगार युवाओं, फेल छात्रों और नौकरी की अधिकतम आयु पार कर चुके लोगों को अपना निशाना बनाकर उन्हें बेचते थे। एक फर्जी मार्कशीट बनाने का ये लोग 80 हजार से 2 लाख रुपए लेते थे। आरोपी ग्राहक की मजबूरी और जरूरत के मुताबिक उनसे मोल-भाव कर वसूली करते थे।
डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने बताया कि आरोपियों की ओर से बनाये गए इसी फर्जी मार्कशीट के माध्यम से कई लोगों को जॉब तक मिली है। पुलिस इनके मोबाइल और लैपटॉप का डेटा खंगाल रही है। इसके अलावा अकाउंट ट्रांजैक्शन को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है जिन लोगों ने इस गिरोह से फर्जी मार्कशीट बनवाई और नौकरी या अन्य कार्यों में लिप्त है। इसके लिए टीम जांच कर रही है। आरोपी ढाई साल से फर्जी मार्कशीट बनाने का काम कर रहा था। इस गैंग को ट्रैक करने के लिए थाना पुलिस के अलावा स्वाट टीम को भी लगाई गई थी।
डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बेरोजगार व परीक्षा में फेल व नौकरी की आयु पार कर चुके लोगों को ऑन डिमांड फर्जी मार्कशीट व अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र बनाकर देते है। मार्कशीट में कस्टमर के कहने पर नंबर उसकी आयु प्रतिशत अंक प्राप्त कर ग्राहकों को देते है। डेटा गूगल से निकालते है। जिसके बाद ओवर राइटिंग करके फर्जी मार्कशीट तैयार करते है। इनके ओर से तैयार की गई मार्कशीट में वाटर मार्क तक होता है।

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