हिमाचल के टोल बैरियरों में अब नहीं लगेगी वाहनों की लंबी कतारें

इन 6 स्थानों पर शुरू होने जा रहा फास्ट टैग

शिमला/एजेंसी। हिमाचल प्रदेश के 6 स्थानों पर फास्ट टैग आधारित प्रवेश कर भुगतान प्रणाली लागू की जाएगी। सरकार इसे सभी 55 टोल बैरियर पर चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी। यह कदम यात्री समय बचाने और कर संग्रह प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए उठाया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रवेश कर बाधाएं नीलामी के माध्यम से किराए पर ली जाएंगी। बिलासपुर जिले के गरमौरा, सोलन जिले के टिपरा बाईपास (परवानू), सिरमौर जिले के गोविंदघाट, कांगड़ा जिले के कंडवाल, ऊना जिले के मेहतपुर और सोलन जिले के बद्दी में ये प्रणाली लागू की जाएगी।
फास्ट टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है जिससे गाड़ी बिना रुके टोल टैक्स दे सकती है। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सरकार राज्य के सभी 55 टोल बैरियर पर फास्ट टैग सिस्टम लागू करेगी। यह काम चरणबद्ध तरीके से होगा। इससे एंट्री टैक्स देना आसान होगा और लोगों का समय बचेगा। पहले गाड़ियों को टोल पर रुकना पड़ता था जिससे लंबी लाइनें लग जाती थीं। फास्ट टैग से यह समस्या दूर होगी।
प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सभी एंट्री टैक्स बैरियर की नीलामी करने का फैसला किया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे वित्त वर्ष 2024-25 के मुकाबले एंट्री टैक्स से होने वाली कमाई में 7.5% की बढ़ोतरी होगी। नीलामी जीतने वालों को 45 दिनों के अंदर फास्टैग सिस्टम लगाना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनका लीज रद्द कर दिया जाएगा। “वे इंस्टॉलेशन और संचालन की पूरी लागत वहन करेंगे, जिसमें जारीकर्ता बैंक, एनपीसीआई, आईएचएमसीएल और प्राप्तकर्ता बैंक के शुल्क शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि फास्ट टैगी सिस्टम लगाने का पूरा खर्चा नीलामी जीतने वाले को ही उठाना होगा। इसमें बैंक और अन्य संस्थाओं के चार्ज भी शामिल हैं। इससे सरकार पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और लोगों को भी सुविधा मिलेगी।

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