कतर से रक्षा समझौता करने जा रहा अमेरिका, विदेश मंत्री ने किया ऐलान

तेल अवीव। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा कि कतर और अमेरिका एक उन्नत रक्षा सहयोग समझौते को अंतिम रूप देने के कगार पर हैं। इस समझौते की घोषणा कतर पर इजरायली हमले के बाद की गई है। इजरायल ने कतर की राजधानी दोहा में हमास के राजनीतिक कार्यालय को निशाना बनाया था। इस हमले में एक कतरी सैनिक समेत छह लोगों की मौत हुई थी। कतर समेत दुनियाभर के मुस्लिम देशों ने इजरायली हमले की निंदा की थी। हालांकि, कतर ने इजरायल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से इनकार किया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यह कहीं कतर के इजरायल के खिलाफ जवाबी हमला न करने का इनाम तो नहीं है।
दोहा में हुआ हमला विशेष रूप से संवेदनशील था क्योंकि कतर अमेरिका का एक करीबी सहयोगी है और मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा यहीं स्थित है। कतर लगभग दो साल पहले गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से मिस्र के साथ मिलकर युद्धविराम वार्ता की मेजबानी और मध्यस्थता कर रहा है। तेल अवीव से दोहा जाते हुए रुबियो ने कतर से गाजा युद्ध में युद्धविराम के लिए इजरायल और हमास के बीच मध्यस्थ की अपनी भूमिका जारी रखने का आह्वान किया और कहा कि “समझौता होने के लिए बहुत कम समय बचा है।”
रुबियो ने तेल अवीव से दोहा के लिए उड़ान भरने के पहले कहा, “अगर दुनिया का कोई देश इसमें मध्यस्थता कर सकता है, तो वह कतर ही है। वे ही ऐसा कर सकते हैं।” उन्होंने कहा, “कतर के साथ हमारी घनिष्ठ साझेदारी है। दरअसल, हमारे बीच एक उन्नत रक्षा सहयोग समझौता है, जिस पर हम काम कर रहे हैं, और हम इसे अंतिम रूप देने के कगार पर हैं।” हालांकि रुबियो ने इस समझौते के बारे में कोई अन्य जानकारी साझा नहीं की।
कतर ने इजरायली हमले को “कायरतापूर्ण और विश्वासघाती” बताया, लेकिन कहा कि वह मिस्र और अमेरिका के साथ मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका से पीछे नहीं हटेगा। मई में अपनी यात्रा के दौरान, ट्रंप ने गैस-समृद्ध कतर को आश्वासन दिया था कि अगर उस पर कभी हमला हुआ तो वाशिंगटन उसकी रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें इजरायली हमले के बारे में पहले से सूचित नहीं किया था।

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