जी राम जी के खिलाफ विपक्ष करेगा देशव्यापी आंदोलन, कांग्रेस ने बुलाई कार्यसमिति की बैठक

नई दिल्ली। विपक्षी दलों ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के लिए लाए जी राम जी विधेयक का संसद से सड़क तक विरोध तेज करते हुए गुरूवार को संसद परिसर में भारी विरोध प्रदर्शन किया। राज्यसभा में नेता विपक्ष कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा पार्टी संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के सांसदों ने नए विधेयक का विरोध करते हुए गांधी प्रतिमा से संसद के मकर द्वार तक विरोध मार्च करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। इस दौरान खरगे ने घोषणा कि दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार योजना मनरेगा की “व्यवस्थित हत्या” के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन होगा।
नाम समेत मनरेगा में बदलाव खिलाफ आगे की राजनीतिक लड़ाई की रणनीति तय करने के लिए कांग्रेस ने 27 दिसंबर को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार मनरेगा के अलावा राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति पर भी कार्यसमिति में चर्चा की संभावना है। सरकार द्वारा जी राम जी विधेयक लोकसभा से पारित कराए जाने के खिलाफ विपक्षी सांसदों ने गुरूवार को सुबह संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला। इसमें खरगे-सोनिया के अलावा द्रुमुक के टीआर बालू, ए राजा, कनिमोझी, शिवसेना यूबीटी के अरविंद सावंत, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन तथा आइयूएमएल के टी बशीर जैसे अन्य विपक्षी नेता नारे लगाते हुए विरोध मार्च में शामिल हुए।
मार्च के बाद खरगे ने एक्स पर पोस्ट में कहा ”यह केवल महात्मा गांधी नरेगा के नाम बदलने की बात नहीं है। यह भाजपा-आरएसएस की मनरेगा को खत्म करनी साजिश है। संघ के 100 साल पर गांधी का नाम मिटाना ये दिखाता है कि जो मोदी जी विदेशी धरती पर बापू को फूल चढ़ाते हैं, वो कितने खोखले और दिखावटी हैं। जो सरकार गरीब के हक से चिढ़ती हो, वही मनरेगा पर वार करती है।”
“इस अहंकारी सत्ता का कोई भी ऐसा निर्णय जो गरीब और मजदूर विरोधी होगा, ऐसे प्रावधान के खिलाफ कांग्रेस पार्टी संसद और सड़क पर उसका पुरजोर विरोध करेगी। करोड़ों गरीब, मजदूरों और कामगारों के हकों को हम सत्ता के हाथों छिनने नहीं देगें।”
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से कहा जी राम जी विधेयक मनरेगा को पूरी तरह खत्म कर देगा, इसलिए विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार के कदम का जोरदार विरोध करने को लेकर एकजुट है। नए विधेयक में काम 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन करना उनका धोखा है क्योंकि जो भी बिल को ध्यान से पढ़ेगा उसे पता चल जाएगा कि यह योजना अगले कुछ दिनों में खत्म हो जाएगी।
प्रियंका के अनुसार जैसे ही राज्यों पर बोझ पड़ेगा योजना धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी क्योंकि राज्य सरकारों के पास पर्याप्त पैसा नहीं है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि संसद आज लोकतंत्र की हत्या देख रही है और मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाकर लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ-साथ राष्ट्रपिता की विचारधारा को भी खत्म करने की वे कोशिश कर रहे हैं।

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