स्कूल में कदम रखते ही बेहोश हो जाती हैं छात्राएं, मेडिकल रिपोर्ट ने चौंकाया!

राजनांदगांव/छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ का एक स्कूल रहस्य और डर का कारण बन गया है। स्कूल में पिछले कुछ दिन से छात्राएं अचानक बेहोश हो जाती हैं। करीब दो दर्जन छात्राओं संग यह स्थिति बन चुकी है। घर से वे अच्छी-भली स्कूल आती हैं, लेकिन यहां आकर अचानक बेहोश हो जाती हैं। प्रबंधन ने हेल्थ कैंप लगाकर सभी का चैकअप कराया तो सारी रिपोर्ट नार्मल आ रही हैं। प्रबंधन और परिजन दोनों घटनाओ को लेकर परेशान हैं।
जानकारी अनुसार खैरागढ़ जिले में छुईखदान ब्लॉक स्थित शासकीय प्राथमिक शाला खैरबाना इन दिनों डर, चर्चा और सवालों का केंद्र बना हुआ है। बीते पंद्रह दिनों से स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं की तबियत अचानक बिगड़ जाती है और वे बेहोश हो कर गिरने लगती है। प्रबंधन के अनुसार करीब दो दर्जन छात्राएं अब तक बेहोश हो चुकी हैं। छात्राएं करीब आधे घंटे तक अचेत हो जाती हैं।
दरअसल खैरागढ़ जिले के छुईखदान ब्लॉक के ग्राम खैरबाना स्थित शासकीय प्राथमिक शाला का है जहां इन दिनों स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के अचानक स्कूल में बेहोश होने का मामला एक रहस्य बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि बच्चियां घर से स्कूल के लिए एकदम स्वस्थ निकलती है, लेकिन जैसे ही स्कूल परिसर में कदम रखती हैं, उन्हें चक्कर आने लगता है। कई छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ती है। अब तक 20 से 25 छात्राओं के साथ इस तरह की घटना का दावा किया जा रहा है। रोज किसी न किसी बच्ची के बेहोश होने की खबर से अब पूरा स्कूल दहशत में है
वहीं जिला प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल में मेडिकल कैंप लगवाया है। डॉक्टर ने ब्लड टेस्ट समेत सभी जरूरी जांच भी की हैं, लेकिन किसी तरह की शारीरिक बीमारी, संक्रमण या जहरीले पदार्थ के प्रमाण नहीं मिले हैं। सभी छात्राओं की रिपोर्ट सामान्य आने के बाद यह रहस्य अब गहराता नजर आ रहा है। जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने बताया कि यह एक तरह का सिंड्रोम है, जिसे मास हिस्टीरिया कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार कई बार बच्चों में डर तनाव या किसी एक घटना की चर्चा पूरे समूह पर मानसिक असर डाल देती है। एक बच्ची को देखकर दूसरी बच्ची में भी वही लक्षण उभर आते हैं। जबकि शरीर में कोई वास्तविक बीमारी नहीं होती है फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं स्कूल प्रबंधन को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं इस स्कूल में इस रहस्यमई तरह से बच्चों के बेहोश होने पर जादू-टोना और तमाम अंधविश्वास को लेकर भी गांव और आस पास के क्षेत्र में चर्चा तेज है। हालांकि जिला पंचायत खैरागढ़ सीईओ प्रेम कुमार पटेल का कहना है कि डॉक्टर वैज्ञानिक तरह से इलाज करते हैं, बच्चियों का परीक्षण जारी है। जैसी रिपोर्ट आएगी उस पर आगे इलाज किया जाएगा। अंधविश्वास जैसी चीजों से बच्चे और परिजन दूर रहें।

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