वाराणसी के दुर्गाकुंड इमामबाड़ा पर चलेगा बुलडोजर!
वैध दस्तावेज पेश न कर पाने से गहराया संकट

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। वाराणसी स्थित दुर्गाकुंड स्थित शिया इमामबाड़ा को लेकर विवाद और गहरा रहा है। वाराणसी नगर निगम की ओर से मुस्लिम पक्ष को मालिकाना हक के दस्तावेज पेश करने के लिए दी गई तीन दिन की समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो गई। दावा किया जा रहा है कि अब तक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। इस बीच स्थानीय लोगों ने नगर निगम के दावे का समर्थन करते हुए इमामबाड़ा के स्वामित्व को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ऐसे में इस इमामबाड़ा पर अब कार्रवाई की बात कही जाने लगी है।
नगर निगम का कहना है कि दुर्गाकुंड क्षेत्र की आराजी संख्या 2435 पर 240 वर्ग मीटर जमीन निगम के दस्तावेजों में दर्ज है। इस पर अवैध रूप से इमामबाड़ा बनाया गया है। नगर निगम ने मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर दस्तावेज जमा करने का आदेश दिया था, लेकिन समय सीमा बीतने के बावजूद कोई संतोषजनक प्रमाण नहीं सौंपे गए।
नगर निगम की ओर से इमामबाड़ा की जमीन पर स्वामित्व जताते हुए बैरिकेडिंग शुरू की गई थी। इस कार्रवाई के दौरान निगम की बैरिकेडिंग का स्थानीय लोगों और इमामबाड़ा से जुड़े लोगों ने विरोध किया। वहां तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस स्थान पर पहले सिर्फ एक कुआं था। धीरे-धीरे यहां कब्जा कर इमामबाड़ा खड़ा कर लिया गया।
इलाके में चाय की दुकान चलाने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का कहना है कि पहले यहां केवल एक कुआं था। सड़क के किनारे कुछ भी निर्माण नहीं था। बाद में एक छोटा हिस्सा बना। उसके बाद चबूतरा और अब पूरी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। अन्य स्थानीय लोगों ने भी इस बात का समर्थन किया। लोगों ने कहा कि नगर निगम का दावा सही है।
वहीं, इमामबाड़ा के मुतवल्ली का दावा है कि यह जमीन वक्फ संपत्ति है। उनके पास इससे जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं। दुर्गाकुंड पुलिस चौकी के पीछे स्थित बाराती बेगम जनाना एवं मर्दाना इमामबाड़ा की जमीन विवाद मामले में उन्होंने बड़ा दावा किया। दरअसल, बुधवार को मुतवल्ली नवाब प्यारे हुसैन के पुत्र नवाब साजिद हुसैन ने नगर निगम और एडीएम सिटी कार्यालय में अपने पक्ष में कागजत जमा किए थे। इसमें दावा किया गया कि नवाब विलायती बेगम उर्फ नवाब बराती बेगम पत्नी नवाब शमशुदौला बहादुर इमामबाड़ा जाना जाता है। हालांकि, नगर निगम ने इन दस्तावेजों को अपर्याप्त बताया है। जांच में इमामबाड़ा को अवैध कब्जा करार दिया है। मुतवल्ली ने प्रशासन से और समय मांगा है, लेकिन निगम की सख्ती और स्थानीय विरोध के बीच उनकी स्थिति कमजोर दिख रही है।
इमामबाड़ा को लेकर वाराणसी नगर निगम के साथ 35 वर्षों से केस चल रहा है। गुरुवार शाम चार बजे से भेलूपुर एसीपी कार्यालय दुर्गाकुंड में नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस कमिश्नरेट और मुस्लिम पक्ष की मीटिंग आयोजित की गई। हालांकि, इसमें नगर निगम की ओर से वैध कागजात जमा करने की समय सीमा की बात कही गई। ऐसे में यह विवाद वाराणसी के सामाजिक और सियासी माहौल को और संवेदनशील बना रहा है। दावा किया जा रहा है कि मामले में नगर निगम की ओर से बुलडोजर एक्शन भी हो सकता है।




