शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन तेजी, सेंसेक्स 385 अंक की छलांग से 66,000 अंक के पार

मुंबई। एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी और एसबीआई के शेयरों में लिवाली से स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त का सिलसिला जारी रहा और सेंसेक्स 66,000 अंक के स्तर को पार कर गया। कारोबारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से भी स्थानीय बाजार को समर्थन मिला। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 385.04 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 66,265.56 अंक पर बंद हुआ। इस तेजी के बीच सेंसेक्स कारोबार की शुरुआत में हुए नुकसान की भरपाई करने में सफल रहा।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 65,672.34 अंक के निचले और 66,296.90 अंक के ऊपरी स्तर तक भी गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी भी 116 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,727.05 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में लार्सन एंड टुब्रो में 4.26 प्रतिशत की सर्वाधिक बढ़त रही। इंडसइंड बैंक, टेक महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक और विप्रो के शेयर भी लाभ में रहे।
वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर टूट गए। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटड में वरिष्ठ उपाध्यक्ष (तकनीकी शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘बाजार ने साप्ताहिक अनुबंध सौदों के अंतिम दिन भी तेजी जारी रखी और आधा प्रतिशत से अधिक की बढ़त में रहा। खासकर दिन के दूसरे हिस्से में चुनिंदा शेयरों में खरीदारी आने से तेजड़िये हावी रहे।’’ व्यापक बाजार में बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.79 प्रतिशत चढ़ गया जबकि स्मॉलकैप में 0.40 प्रतिशत की तेजी रही। एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा कि बाजार पूंजीकरण में 13.5 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में खासी तेजी देखी गई है। इसके अलावा मंझोले स्तर की कुछ सार्वजनिक कंपनियों के शेयर पिछले दो साल में कई गुना चढ़ गए हैं।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। दोपहर के कारोबार में यूरोपीय बाजार लाभ में थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को नुकसान के साथ बंद हुए थे। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कमजोर वैश्विक रुख के बीच स्थानीय बाजार भी सुस्ती के साथ खुला। हालांकि, बाद में अमेरिका में बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतें नीचे आने से बाजार बढ़त में आ गया। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 89.95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। रूस और सऊदी अरब के तेल उत्पादन में कटौती जारी रखने से कच्चे तेल के दाम पिछले दो दिनों में चढ़ गए थे। शेयर बाजार के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 3,245.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

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