मुस्लिम महिला ने धर्म छिपाकर हिंदू व्यक्ति से पहले की शादी,फिर जूलरी और पैसे लेकर हुई चंपत

नई दिल्ली। पत्नी की मौत हो गई और घर में इकलौती बेटी थी। पड़ोसी ने दूसरी शादी की सलाह दी। एक लड़की से शादी करवा दी। चार महीने बाद गांव में शादी में जाने की बात कही। पहली पत्नी की जूलरी और कुछ कैश ले गई। किसी ना किसी बहाने गांव में भी पैसा मंगवाने लगी। इस दौरान खुलासा हुआ कि वह दूसरे धर्म की है और पति भी जीवित है। अब वह लौटने को तैयार नहीं है। पीड़ित ने कड़कड़डूमा कोर्ट में गुहार लगाई, जिसने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कल्याणपुरी थाने में सोमवार को केस दर्ज हो गया।
रामनिवास (49) अपनी बेटी के साथ त्रिलोकपुरी में रहते हैं। वह रेहड़ी-पटरी पर सब्जी बेचते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी की मौत हो चुकी थी। पड़ोसी जितेंद्र ने 2018 में घर आकर कम उम्र का हवाला दिया और दूसरी शादी की सलाह दी। अपने एक जानकार की बहन के साथ शादी का प्रस्ताव रखा और कहा कि उसके पति की भी मौत हो चुकी है। एक मंदिर में एक युवक को मनोज और एक लड़की को ममता बताते हुए मुलाकात करवाई। दावा किया कि वह इन दोनों को काफी समय जानता है और शादी के लिए लड़की ठीक है।

पीड़ित का दावा है कि कुछ दिनों बाद जितेंद्र ने फिर से मिलवाया। उन्होंने लड़की से प्रूफ मांगा। कुछ दिनों बाद उसने एक दस्तावेज लाकर दिया, जिसमें ममता लिखा था। वह कहने लगी कि उसका आधार कार्ड खो गया है। इसके बाद 19 दिसंबर 2018 को ममता से जितेंद्र की मौजूदगी में करीब के एक मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद बेटी के साथ पत्नी गाली-गलौज और बदसलूकी करने लगी। अप्रैल 2019 को ममता अपने गांव में एक शादी में जाने की बात कहकर पहली पत्नी की सारी जूलरी और 15 हजार कैश ले गई।

ऑनलाइन पैसा मंगवाया तो खुला राज
जून 2019 में बीमारी के बहाने बहन के खाते में 10 हजार रुपये डलवाए। पड़ोस की दुकान से पैसे भिजवाए तो बहन का नाम सुलेमा बीबी होने का खुलासा हुआ। एक परिचित से पता चला कि ममता का असली नाम शकीला है। पति मिराज खान भी जीवित है। पीड़ित ने पत्नी से बात की तो उसने झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर दो लाख की डिमांड की। कुछ दिनों बाद वापस आने के लिए 10 हजार रुपये मांगे। दावा किया कि लौटकर पहली पत्नी की जूलरी दे जाएगी। दस हजार भी डाल दिए। लेकिन वह लौटी नहीं। लिहाजा उन्होंने कोर्ट में गुहार लगाई।

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