उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में हुई महिला की हत्या मामले में हुआ खुलाशा

दिल्ली ब्यूरो। उत्तर पूर्वी दिल्ली की जाफराबाद पुलिस ने 17 सितंबर को हुई महिला की हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है। महिला के पति ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी।महिला के पति ने अपना अपराध कबूल करते हुए बताया कि उसे पत्नी के चरित्र पर शक था, जिसके चलते हत्या की। दोनों ने कुछ महीने पहले ही लव मैरिज किया था और महिला अपने ससुराल जाने की जिद कर रही थी।
जांच के दौरान पता चला कि मृतक फातिमा और उसका पति शाहदेन मलिक उर्फ शान उर्फ सुहैब पिछले डेढ़ माह से किराएदार के तौर पर रह रहे थे।जब से महिला की हत्या हुई थी, उसका पति लापता हो गया था।जिस कारण पुलिस को संदेह गया।खुफिया जानकारी के आधार पर शाहदेन और मृतक फातिमा के बारे में जानकारी एकत्र की गई, जिससे शाहदेन के ठिकाने के बारे में निश्चित सुराग मिला। दिल्ली के ओल्ड मुस्तफाबाद इलाके में रहने वाले शाहदेन के माता-पिता पर दबाव डाला गया। कड़ी मशक्कत के बाद शाहदेन को पकड़ लिया गया और उससे लंबी पूछताछ की गई।जहां उसने कबूल किया कि उसने अपने दोस्त आसिफ के साथ मिलकर पत्नी फातिमा उर्फ जारा की हत्या की थी। उसके कहने पर उनके सहयोगी आसिफ को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में पता चला कि शाहदेन दिल्ली के ओल्ड मुस्तफाबाद का निवासी है और उसने कुछ महीने पहले फातिमा के साथ निकाह किया था।उसके बाद से शाहदेन के परिवार वाले शादी को मानने को तैयार नहीं थे। फातिमा शकूरपुर दिल्ली की रहने वाली है। शादी में आने से पहले वे कई महीनों तक रिलेशनशिप में रही। शादी के बाद वे दोनों दिल्ली में अलग-अलग जगहों यानी वजीराबाद, लक्ष्मीनगर आदि में रहते थे और वर्तमान में मौजपुर के विजय मोहल्ला में रह रहे थे। घटना वाले दिन शाहदेन और उसके दोस्त आसिफ ने दिल्ली में कहीं पार्टी की और तड़के अपने घर यानी विजय मोहल्ला मौजपुर लौट आए। जैसे ही वह घर में दाखिल हुआ, उसका फातिमा के साथ फिर से विवाद हो गया, जिस पर उन्होंने योजना के अनुसार उस पर चाकू से मौत के घाट उतार दिया। वे एक ऑटो से आनंद विहार गए और वहां से वे दिल्ली से यूपी के लिए निकल लिए। लगातार पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उनके कहने पर फातिमा का मोबाइल फोन बरामद कर लिया।




