सालों से बंद गाजियाबाद का इकलौता इलेक्ट्रिक शवदाह गृह, दोबारा शुरू करने की तैयारी में जुटा नगर निगम

गाजियाबाद। हिंडन नदी के किनारे बना गाजियाबाद का पहला इलेक्ट्रिक शवदाह गृह एक बार फिर चर्चा में है। लंबे समय से बंद पड़े इस शवदाह गृह को दोबारा शुरू करने के लिए नगर निगम ने इसके संचालन और रखरखाव का टेंडर जारी किया है। निगम अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी का चयन होने के बाद आवश्यक मरम्मत और तकनीकी सुधार कर शवदाह गृह को चालू किया जाएगा।
यह इलेक्ट्रिक शवदाह गृह गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ( जीडीए ) ने करीब 50 लाख रुपये की लागत से तैयार कराया था, जिसे बाद में नगर निगम को सौंप दिया गया। हालांकि, निर्माण पूरा होने के बाद भी यह शवदाह गृह कई वर्षों तक चालू नहीं हो सका। वजह यह रही कि लंबे समय तक यहां बिजली का कनेक्शन ही नहीं मिल पाया। इस दौरान कई बार इसे चालू करने की बात जरूर उठी, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हो सकी।
कोरोना काल में इसे शुरू करने की कोशिश की गई थी, लेकिन केवल कुछ ही अंतिम संस्कार हो पाए। तकनीकी दिक्कतों और रखरखाव की कमी के चलते यह व्यवस्था जल्द ही फिर बंद हो गई। इसके बाद से लेकर अब तक यह शवदाह गृह नियमित रूप से चालू नहीं हो सका। नगर निगम के अनुसार, इस शवदाह गृह में केवल एक ही इलेक्ट्रिक पैनल लगा हुआ है। पैनल में खराबी आने पर पूरा सिस्टम बंद हो जाता है और उसे ठीक करने में कई दिन लग जाते हैं। इसी कारण संचालन लगातार बाधित होता रहा।
नगर निगम के प्रकाश प्रभारी आशु कुमार ने बताया कि संचालन और मेंटेनेंस के लिए निजी एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। चयनित एजेंसी को तकनीकी खामियों को दूर करने के साथ-साथ भविष्य में व्यवस्था को सुचारू रखने की जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार कोशिश है कि शवदाह गृह को केवल औपचारिक रूप से नहीं, बल्कि स्थायी तौर पर चालू किया जाए, ताकि नागरिकों को अंतिम संस्कार के लिए वैकल्पिक सुविधा मिल सके।




