गाजियाबाद में बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा: नाबालिग, हिंदू महिला समेत 3 गिरफ्तार

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ जांच तेज हो गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम (एसआईटी) ने पूछताछ के बाद रविवार को एक नाबालिग, एक महिला और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया नाबालिग दिल्ली कैंट क्षेत्र में कैमरे लगाने में शामिल था और तकनीकी रूप से काफी दक्ष बताया जा रहा है। महिला गिरोह के सरगना सुहैल के नेटवर्क से जुड़ी है, जबकि तीसरा आरोपी नौशाद अली संवेदनशील इलाकों की रेकी करता था।
जांच में सामने आया है कि नाबालिग आरोपी को खास तौर पर कैमरे लगाने की ट्रेनिंग दी गई थी। उसने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन क्षेत्र में कैमरे लगाए थे। इससे पहले पकड़े गए अन्य नाबालिगों ने सोनीपत रेलवे स्टेशन पर भी इसी तरह की गतिविधियों को अंजाम देने की बात कबूली थी। यह गिरोह देश के संवेदनशील ठिकानों की रेकी कर उनकी जानकारी इकट्ठा कर रहा था।
14 मार्च को पुलिस ने एक बड़े गिरोह का खुलासा किया था, जो दिल्ली, मुंबई, जयपुर समेत कई संवेदनशील इलाकों के फोटो और वीडियो बनाकर पाकिस्तान, यूके और मलेशिया के नंबरों पर भेज रहा था। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का संचालन पाकिस्तान में बैठे सरगना ‘सरदार उर्फ सरफराज’ द्वारा किया जा रहा था, जो आरोपियों के सीधे संपर्क में था और उन्हें निर्देश देता था।
अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार, 5 नाबालिग शामिल
इस पूरे मामले में अब तक पांच नाबालिगों समेत कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन आरोपियों के मोबाइल फोन से खाटू श्याम, मुंबई और दिल्ली के कई संवेदनशील स्थानों के फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं। रविवार को पकड़े गए आरोपियों में मथुरा निवासी महिला मीरा ठाकुर और फरीदाबाद के तिगांव निवासी नौशाद अली शामिल हैं।
महिला करती थी हथियारों की सप्लाई
गिरफ्तार महिला मीरा ठाकुर पर हथियार तस्करी के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस के अनुसार, वह पिछले दो वर्षों से इस नेटवर्क से जुड़ी थी और पाकिस्तान में बैठे सरगना के निर्देश पर गिरोह के सदस्यों को हथियार उपलब्ध कराती थी। महिला पहले भी दिल्ली में जेल जा चुकी है और कई आपराधिक मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है।
सोशल मीडिया के जरिए जुड़ते थे आरोपी
पूछताछ में नौशाद अली ने बताया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से गिरोह से जुड़ा था। इसके बाद उसे देश के विभिन्न स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करने का काम सौंपा गया। उसे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर द्वारा ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी गई थी।
नाबालिगों को बनाया जा रहा था टारगेट
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह नाबालिगों को ज्यादा टारगेट करता था। उन्हें तकनीकी ट्रेनिंग देकर कैमरे लगाने और जानकारी जुटाने के काम में लगाया जाता था। हाल ही में पकड़ा गया नाबालिग भी कैमरा लगाने में एक्सपर्ट बताया जा रहा है। गिरोह ने कई व्हाट्सऐप ग्रुप बना रखे थे, जिनमें से एक ग्रुप लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर भी बनाया गया था। पुलिस इन ग्रुप्स से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।
मुंबई पुलिस से भी जुड़ी रही महिला
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी महिला मुंबई पुलिस के संपर्क में भी रही थी और मुखबिर के तौर पर काम कर चुकी है। बताया जा रहा है कि उसने सलमान खान के घर फायरिंग मामले के आरोपी को पकड़वाने में मदद की थी। इस तरह वह एक तरफ पुलिस का भरोसा जीत रही थी, तो दूसरी ओर अवैध गतिविधियों में भी शामिल थी।
एजेंसियां सतर्क, जांच जारी
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद एनआईए, आईबी और कई राज्यों की पुलिस सक्रिय हो गई है। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने SIT का गठन कर जांच तेज कर दी है। डीसीपी धवल जायसवाल के अनुसार, देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।




