बंगाल के इमाम और पुजारियों ने कर दी सीएम ममता से 20 हजार मासिक भत्ता की माँग
Imams and priests of Bengal demanded 20 thousand monthly allowance from CM Mamata

कोलकाता/एजेंसी। बंगाल के कुछ इमामों व पुजारियों का दावा है कि जो भत्ता राज्य सरकार की ओर से मिल रहा है उससे परिवार का गुजारा नहीं हो सकता। दिल्ली के पुजारी और बंगाल के पुजारी अलग-अलग नहीं हैं। इस बार इमाम, मुअज्जिनों ने मांग की है कि अगर उन्हें भत्ते के रूप में 20,000 रुयये दिया जाए तो यह बहुत अच्छा होगा। दरअसल, वर्तमान में बंगाल में ममता सरकार इमामों को 3,000, मुअज्जिनों को 1,500 और पुजारियों को 1,500 रुपये प्रति माह का भुगतान करती है। अब उन्होंने इस भत्ते को और अधिक बढ़ाने की मांग की है। एक टीवी चैनल से बातचीत में फुरफुरा शरीफ के पीरजादा इब्राहिम सिद्दीकी ने कहा कि केजरीवाल ने अच्छा काम किया है।
उन्होंने कहा कि बंगाल में ऐसा क्यों नहीं होगा? यहां भी मुअज्जिन हैं, पुजारी हैं। यहां भी भत्ता बढ़ाने की जरूरत है। हमें कुछ बोलने से पहले ही यह भत्ता बढ़ाया जाना चाहिए था। इस महंगाई में कैसे काम चलेगा। मुझे उम्मीद है कि ममता बनर्जी पुजारी,इमाम और मुअज्जिनों का भत्ता बढ़ाएंगी। मेरी मांग है कि इस भत्ते को बढ़ाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वह देख रहे हैं कि यहां कोई बात नहीं कर रहा है। यदि आप चुप रहते हैं और इस मुद्दे पर काम नहीं होगा। इसका मतलब निकाला जाएगा कि आपको रुपये नहीं चाहिए। हम बंगाल के सभी लोगों से अपना मुंह खोलने के लिए कहेंगे।
वहीं, नाखोदा मस्जिद के इमाम मौलाना शफीक काजमी ने कहा कि मैं सरकार से अपील कर रहा हूं कि अगर इमामों को बीस हजार रुपये दिए जा सकें तो बेहतर होगा। थोड़ी सी मदद बेहतर होती। वहीं पश्चिम मेदिनीपुर के इमाम शेख साजू ने कहा कि हमें नेताजी इंडोर स्टेडियम में बुलाकर हताश किया गया था, क्योंकि वहां मात्र 500 रुपये भत्ता बढ़ाने की घोषणा की गई थी। वहीं बंगाल के कुछ पुजारियों का दावा है कि इस पैसे से परिवार का गुजारा नहीं हो सकता। दिल्ली का पुजारी और बंगाल का पुजारी अलग-अलग नहीं हैं।
दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि अगर इस बार उनकी सरकार बनेगी तो पुजारियों और ग्रंथियों को 18,000 रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा। आरोप है कि दल्ली में इमामों को पिछले कई माह से भत्ता नहीं मिला है।




