कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के खिलाफ आरोप तय, साल 2015 में रोकी थी रेल

गोरखपुर,(उत्तर प्रदेश)। कसरवल काण्ड में कैबिनेट मंत्री डॉ संजय निषाद के विरुद्ध कोर्ट में आरोप तय हो गया है। मुकदमे का विचारण विशेष न्ययाधीश एमपी एमएलए नम्रता अग्रवाल की कोर्ट में हो रहा है। कोर्ट में मंत्री ने आरोपो से इनकार करते हुए विचारण की मांग की। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
7 जून 2015 को सुबह 11:20 बजे के लगभग डॉ संजय निषाद अपने समर्थकों के साथ निषाद आरक्षण की मांग को लेकर सहजनवा छेत्र में मगहर सहजनवा के मध्य रेल लाइन पर धरना प्रदर्शन किया था। इससे रेल आवागमन बाधित हो गया। भीड़ जब उग्र हो गई तो पथराव और फायरिंग हुई जिसमें कई लोग घायल हुए और एक की मौत हो गई। पुलिस ने डॉ संजय निषाद सहित कई अन्य लोगों को अभियुक्त बनाकर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने बुधवार को आरोप तय किया।
सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ संजय निषाद बुधवार को एसीजेएम प्रभाष त्रिपाठी की कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने डॉ संजय निषाद सहित छह अन्य के विरुद्ध धारा 174 रेलवे एक्ट के तहत आरोप तय किया। मामले में कई लोगों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। डॉ संजय निषाद सहित छह अन्य लोगों ने आरोपों से इनकार किया और पुनर्विचार की मांग किया। अब अगली सुनवाई 18 अक्टूबर को होगी।



