जिहाद करने वालों को मारना पाप नहीं; अलीगढ़ के लधौआ में श्री राम कथा में बोले जगद्गुरु रामभद्राचार्य
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने जिहाद करने वालों को मारना पाप नहीं माना है। उन्होंने व्यक्ति के चरित्रवान बनने पर जोर दिया।

अलीगढ़/उत्तर प्रदेश। अलीगढ़ में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज ने श्री राम कथा के दौरान जिहाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। अकराबाद के लधौआ गांव में कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। इसमें भारी संख्या में लोग श्री राम कथा सुनने पहुंच रहे हैं। इसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी की गई है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने व्यासपीठ से कहा कि लव जिहाद, लैंड जिहाद और आतंकवादी घटनाओं का अंजाम देने वालों को मारना कोई पाप नहीं है। इसका कोई दोष नहीं लगता है।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि व्यक्ति का चरित्रवान होना आवश्यक है। चरित्रवान व्यक्ति ही परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी होता है। उन्होंने कहा कि धन, वैभव और पद कभी भी छिन सकते हैं। अगर चरित्र सुरक्षित है तो व्यक्ति सब कुछ फिर से प्राप्त कर सकता है। उन्होंने हिंदू युवतियों को लव जिहाद जैसे मामलों से सतर्क रहने की भी सलाह दी।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि हर व्यक्ति को हमेशा अपने चरित्र की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने वर्तमान समय में युवाओं के समक्ष आने वाली चुनौतियों की भी चर्चा की। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से नई पीढ़ी को अच्छे संस्कार देने का आह्वान किया। हिंदू युवतियों को संबोधित करते हुए जगद्गुरु ने कहा कि वे अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों के प्रति सजग रहें।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कथा मंच से कहा कि भारतीय संस्कृति मर्यादा, त्याग और सेवा जैसे मूल्यों की समर्थक है। परिवार व्यवस्था भी भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर ही समाज का सही विकास हो सकता है।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने हिंदू युवतियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपनी संस्कृति के प्रति सजग रहें। उन्होंने हिंदू युवतियों से जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी। युवतियों से उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन, धोखे और भ्रम में वे नहीं पड़ें। सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों का सम्मान करें। उन्होंने लड़कियों से पहचान और संस्कारों को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।




