गाजियाबाद की दो बेटियों का अद्भुत त्याग: पिता को दी किडनी और लीवर, बचाई जिंदगी

गाजियाबाद की दो बेटियों ने नोएडा के एक निजी अस्पताल में अपने पिता को किडनी और लीवर दान कर नई जिंदगी दी है। पिता की गंभीर बीमारी के बाद दोनों बेटियों ने यह साहसिक कदम उठाया, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है।

नोएडा। बेटियां सिर्फ परिवार की शान ही नहीं होतीं, बल्कि मुश्किल समय में साहस और त्याग की मिसाल भी बनती हैं। गाजियाबाद की दो बेटियों ने अपने पिता को नई जिंदगी देने के लिए ऐसा ही अद्भुत साहस दिखाया है। नोएडा के एक निजी अस्पताल में दोनों बेटियों ने अपने पिता को किडनी और लीवर दान कर मानवता, समर्पण और परिवार के प्रति प्रेम की मिसाल पेश की है।
मोरटा निवासी जयंत त्यागी, जो अपनी पत्नी मीनू, 22 वर्षीय बेटी रिषिका, 19 वर्षीय बेटी खुशी और नौ वर्षीय बेटे कृष्णा के साथ रहते हैं, पिछले कई महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। परिजनों के अनुसार, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर जांच कराई गई, जिसमें दोनों किडनी और लीवर संक्रमित पाए गए। चिकित्सकों ने तुरंत ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी, जिसके बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती डोनर की थी।
शुरुआत में पत्नी मीनू ने अंगदान का निर्णय लिया, लेकिन तभी दोनों बेटियां आगे आईं और पिता के लिए अपने अंग देने का साहसिक फैसला किया। बीटेक की छात्रा रिषिका ने किडनी दान की, जबकि छोटी बेटी खुशी ने लीवर देने का निर्णय लिया। 15 जून को नोएडा सेक्टर-62 स्थित निजी अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट कर पिता को नई जिंदगी दी।
इस समय पिता और दोनों बेटियां अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। परिवार और रिश्तेदारों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में इस साहसिक कदम की सराहना हो रही है।
खास बात यह है कि रिषिका की कुछ महीनों बाद शादी तय है और उसकी सगाई भी हो चुकी है। इसके बावजूद उसने बिना किसी हिचक के अपने पिता के लिए यह बड़ा फैसला लिया। जब यह बात उसके ससुराल पक्ष को बताई गई, तो उन्होंने भी उसका पूरा समर्थन किया और उसके इस कदम को प्रेरणादायक बताया। फिलहाल अस्पताल में परिजनों और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है, वहीं सोशल मीडिया पर भी दोनों बेटियों के इस त्याग और साहस की जमकर प्रशंसा की जा रही है।

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