ईरान में खूबसूरत महिला को फांसी की हुई सजा, वजह प्रदर्शन में हुई थी शामिल

अमेरिका से जंग के बीच कुछ दिनों के लिए बमबारी रुकी, तो ईरान एक महिला समेत चार लोगों को फांसी देने जा रहा है। पश्चिमी मीडिया में महिला की एक तस्वीर शेयर हो रही है. उसे उसके पति के साथ फांसी दी जाएगी। आखिर इस कपल का गुनाह क्या था?
तेहरान/एजेंसी। ईरान में विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई जारी है। ताज़ा घटनाक्रम में तेहरान की अदालत ने चार कैदियों को फांसी की सजा सुनाई है, जिनमें एक महिला बीता हेमती भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बीता हेमती और उनके पति मोहम्मदरेजा माजिदी को जनवरी में हुए प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों को घायल करने और हथियारों के इस्तेमाल का दोषी ठहराया गया है। इनके साथ ही उसी इमारत में रहने वाले बेहरोज जमानीनेजाद और कोरोश जमानीनेजाद को भी मौत की सजा दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि ईरान अब तक सात लोगों को विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में फांसी दे चुका है। इस्लामिक शासन में सरकार के खिलाफ किए गए काम को ‘अल्लाह के खिलाफ अपराध’ माना जाता है और इसके लिए सजा-ए-मौत का प्रावधान है। अदालत ने इन चारों को राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और अमेरिकी सरकार की शह पर साजिश रचने का दोषी ठहराया है। उनकी संपत्ति भी जब्त कर ली गई है।
मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ईरान में राजनीतिक असहमति और विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए कठोर दंड का इस्तेमाल किया जा रहा है। पश्चिमी मीडिया में यह खबर चर्चा में है और इसे मानवाधिकारों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान में फांसी की सजा अक्सर तड़के दी जाती है और यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों, हत्या और राजनीतिक असहमति के मामलों में मौत की सजा आम है। कभी-कभी सार्वजनिक रूप से चौराहों पर क्रेन से लटकाकर भी फांसी दी जाती है। इस बार भी अदालत ने साफ कहा है कि आरोपियों ने 8 और 9 जनवरी को हुए प्रदर्शनों में सुरक्षाबलों को घायल किया और विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया।
यह घटनाक्रम ईरान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए मौत की सजा का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का विषय बना हुआ है।





