फिर से अनशन पर बैठेंगे सोनम वांगचुक? जोधपुर जेल से रिहा होने के बाद बताई अपनी रणनीति

लेह/एजेंसी। जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा होने के बाद लद्दाख के प्रमुख पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में केंद्र सरकार के कदम को ‘दोनों पक्षों की जीत’ बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उन पर से रासुका हटाना विश्वास बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम है। उनके अनुसार, सरकार ने लद्दाख के लोगों के साथ सार्थक और रचनात्मक बातचीत शुरू करने के लिए हाथ बढ़ाया है। सार्थक संवाद की पहल वांगचुक ने स्पष्ट किया कि लद्दाख में हो रहे सभी आंदोलनों का एकमात्र उद्देश्य सरकार के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू करना था। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि आमतौर पर लोग हथियार उठाते हैं और सरकार बातचीत की अपील करती है, लेकिन यहां जनता सरकार से संवाद के लिए आग्रह कर रही है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली तक की पदयात्रा और अनशन के बाद अब एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया जाएगा। भविष्य की रणनीति अपनी अगली रणनीति पर चर्चा करते हुए वांगचुक ने बताया कि वे जल्द ही लद्दाख जाकर लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के नेताओं से परामर्श करेंगे। ये संगठन पिछले पांच वर्षों से लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची लागू करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने फिर से अनशन पर बैठने की इच्छा से इनकार किया, लेकिन कहा कि वे परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेंगे।

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