सरकार ने देवरिया बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को किया सस्पेंड
उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी, लापरवाही का आरोप

देवरिया/उत्तर प्रदेश। शासन ने देवरिया की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। साथ ही देवरिया के डायट प्राचार्य अनिल कुमार को बीएसए का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है।
यह कार्रवाई देवरिया की जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की 23 फरवरी की रिपोर्ट के आधार पर की गई। रिपोर्ट में 22 फरवरी को दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर ‘दो किस्तों में दिए रुपये, फिर भी नहीं मिला छुटकारा’ से जुड़े मामले की जांच का हवाला दिया गया था।
देवरिया के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या प्रकरण में आरोपित बीएसए की यह रिपोर्ट जिलाधिकारी ने भेजी थी, तभी से शासन स्तर पर बीएसए के निलंबन को लेकर हलचल थी, देवरिया सदर के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने भी इस मुद्दे को लेकर बेसिक शिक्षामंत्री संदीप सिंह से शिकायत की थी।
विभागीय जांच में पाया गया कि उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका पर 13 फरवरी को दिए गए आदेश का पालन बीएसए कार्यालय द्वारा करीब एक वर्ष तक नहीं किया गया। यह भी सामने आया कि बीएसए को इस मामले में स्पीकिंग आर्डर जारी करना था या न्यायालय के आदेश का पालन करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
शासन ने इसे शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता, स्वेच्छाचारिता और लापरवाही माना है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, गोरखपुर मंडल को पदेन जांच अधिकारी नामित किया गया है।
निलंबन अवधि में शालिनी श्रीवास्तव को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। साथ ही अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में शालिनी श्रीवास्तव को बेसिक शिक्षा निदेशक लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।




