राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री से सम्मानित 128 साल के शिवानंद बाबा का काशी में निधन

1896 में जन्मे योग गुरु आखिरी समय तक करते रहे मां चंडी का पाठ

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। महादेव की नगरी वाराणसी के प्रसिद्ध योग गुरु पद्मश्री से सम्मानित स्वामी शिवानंद बाबा का देर रात निधन हो गया। 128 साल के बाबा का स्वास्थ्य बीते कुछ दिनों से खराब चल रहा था, जिस वजह से बीएचयू हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। साल 2022 में उन्हें राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
पद्मश्री पुरस्कार पाने वाले देश की सबसे उम्रदराज शख्सियत स्वामी शिवानंद बाबा वाराणसी में दुर्गाकुंड के कबीरनगर के आश्रम में रहते थे। उनके साथ कुछ शिष्य भी रहा करते थे। इस आयु में भी वह निरंतर योगाभ्यास किया करते थे। वह तड़के उठने के बाद योग प्राणायाम के साथ ही औषधियों का सेवन किया करते थे। नित्य प्रतिदिन गीता पाठ और मां चंडी की स्तुति करते थे।
योग की वजह से काशी ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में पहचाने जाने वाले स्वामी शिवानंद के निधन की खबर से हर तरफ शोक की लहर है। रविवार को हरिश्चंद्र घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बाबा ने जीवन में पहली बार साल 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा पाकर मतदान किया था। शिवानंद बाबा का जन्म बंगाल के श्रीहट्टी जिले में 8 अगस्त 1896 में हुआ था। वह बेहद ही गरीब परिवार के थे। उनके माता-पिता भिक्षा मांग कर जीवन यापन करते थे। साल 1977 में उन्होंने वृंदावन में आश्रम की दीक्षा ली। 2 साल वृंदावन में रहने के बाद 1979 में काशी में अधिवास करने लगे। फिर अंतिम सांस तक गंगा किनारे काशी में ही वास किया।

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