गुजरात के ख्याति अस्पताल ने कर दी 18 साल के युवक की एंजियोप्लास्टी, पीएम-जेवाई योजना का फर्जीवाड़ा

Gujarat's Khyati Hospital did angioplasty of an 18-year-old youth, fraud of PM-JAY scheme

  • पीएम-जेवाई के तहत फर्जी ऑपरेशन केस में खुलासा
  • अहमदाबाद के ख्याति अस्पताल ने किए फर्जी ऑपरेशन
  • रुपयों के लालच में दर्जनों मरीजों की जान डाली खतरे में

अहमदाबाद/एजेंसी। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत एक के बाद एक फ्रॉड सामने आ रहे हैं। गुजरात के ख्याति अस्पताल ने अवैध लाभ के लिए लोगों की जान को खतरे डाली। एक और ऐसा खुलासा हुआ है, जो हैरान कर देने वाला है। फ्रॉज की जांच में सामने आया है कि अहमदाबाद के अस्पताल ने एक मेडिकल कैंप में प्राथमिक जांच के बाद 18 वर्षीय एक युवक की एंजियोप्लास्टी तक कर दी।यह सिर्फ एक केस है जो इशारा करता है कि अवैध धन लाभ के लिए अस्पताल में और भी युवाओं का ऑपरेशन किया गया। पुलिस को चार और मौतों का भी पता चला है, जिनके बारे में संदेह है कि अस्पताल में अनावश्यक एंजियोप्लास्टी के कारण ये मौतें हुई हैं। मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।
एक वरिष्ठ अपराध शाखा अधिकारी ने कहा, ‘हमें पता चला है कि आरोपियों ने 18 वर्षीय एक युवक सहित बहुत कम उम्र के मरीजों की एंजियोप्लास्टी की थी। हमें अभी तक पीएम-जेएवाई अधिकारियों से वे दस्तावेज नहीं मिले हैं, जिनके तहत चिकित्सा प्रक्रिया की गई थी। अफसर ने कहा, ‘एक बार हमारे पास दस्तावेज आ जाएं तो हम सभी मरीजों की पहचान कर सकेंगे।’ उन्होंने कहा कि इन मरीजों को उनके संबंधित गांवों में शिविर लगाने के बाद एंजियोप्लास्टी के लिए ले जाया गया था। यह एक ऐसा तरीका है जो अस्पताल प्रशासन ने अब तक सामने आए सभी मामलों में अपनाया है।
11 नवंबर को मेहसाणा के बोरिसाना गांव के दो मरीजों की मौत हो गई। महेश बारोट (52) और नागर सेनमा (72) की एंजियोप्लास्टी हुई थी। उसके बाद उनकी मौत हुई तो घरवालों ने हंगामा काटा। बवाल हुआ और मामला पुलिस और स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचा। जिसके बाद मौत की जांच शुरू हुई। पुलिस को जांच में पिछले 18 महीनों में अस्पताल में ऐसे तीन और मामले मिले, जिससे इस रैकेट का खुलासा हुआ।
तीनों मृतक मरीज कादी के थे और उन्हें स्वास्थ्य शिविरों में धमनियों में रुकावट के बारे में बताया गया था। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि उनमें से किसी को भी एंजियोप्लास्टी की जरूरत नहीं थी। सोमवार को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने खेड़ा जिले के कपड़वंज के पास एक खेत से पांच आरोपियों को पकड़ा। इनमें अस्पताल के निदेशक (मार्केटिंग और ब्रांडिंग) चिराग राजपूत भी शामिल हैं, जो पीएम-जेएवाई और अन्य सरकारी योजनाओं से अवैध मुनाफाखोरी के पीछे कथित मास्टरमाइंड हैं।
अन्य तीन लोग सीईओ राहुल जैन, मिलिंद पटेल हैं, जिनका काम अहमदाबाद और आस-पास के जिलों में शिविर आयोजित करना और सामान्य चिकित्सकों से मिलकर मरीजों को ख्याति अस्पताल भेजना था। पंकिल पटेल और प्रतीक भट्ट, जो शिविर आयोजित करते थे और लोगों को चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए राजी करते थे। बुधवार को एक स्थानीय अदालत ने उन्हें तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। 13 नवंबर को ख्याति अस्पताल के संस्थापक कार्तिक पटेल, निदेशक डॉ. संजय पटोलिया, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत वजीरानी, राजश्री कोठारी और राजपूत के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की गईं। उन पर पीएम-जेएवाई से धोखाधड़ी करके धन निकालने की आपराधिक साजिश रचने और गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है।

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